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संयुक्त राष्ट्र: भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में विवादों में उलझा हुआ चीन अब विवादों को बातचीत के जरिये हल करने के रास्ते तलाश रहा है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बड़ा बयान दिया है. जिनपिंग ने साफ कहा है कि उनका युद्ध लड़ने का इरादा नहीं है. इससे पहले भारत और चीन के बीच हुई बातचीत में भी और सैनिक ना भेजने की सहमति बनी है.

जिनपिंग ने कहा, ”दुनिया को सभ्यताओं की लड़ाई में नहीं फंसना चाहिए. बड़े देशों को बड़े देशों जैसे ही काम करने चाहिए.’’ शी की यह टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कोरोना वायरस महामारी के लिए चीन की जवाबदेही तय करने की मांग करने के बाद आयी है.

पीएम मोदी ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को दिखाया आईना
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 मिनट के वीडियो संदेश में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) को आईना दिखाते हुए कहा कि यह विश्वसनीयता के संकट से जूझ रहा है और उन्होंने इस पर गौर करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “हम व्यापक सुधारों के बिना पुराने ढांचे के साथ आज की चुनौतियों का मुकाबला नहीं कर सकते. संयुक्त राष्ट्र विश्वसनीयता के संकट का सामना कर रहा है.”

मोदी ने कहा, “आज की परस्पर संबद्ध दुनिया के लिए, हमें एक दुरुस्त बहुपक्षवाद की जरूरत है जो आज की वास्तविकताओं को दर्शाए, सभी हितधारकों को आवाज दे, समकालीन चुनौतियों का सामना करे और मानव कल्याण पर ध्यान केंद्रित करे.”

संयुक्त राष्ट्र को जानिए

193 सदस्‍यों वाले संयुक्‍त राष्‍ट्र के लिए सबसे बड़ा आयोजन होता है महासभा, जहां दुनिया के सारे बड़े नेता जुटते हैं. कोरोना काल में इस बार नेताओं के रिकॉडेड भाषण हो रहे हैं. इस मौके पर दुनिया के कई देशों ने अमेरिका और चीन के तनाव पर चिंता जताई. संयुक्त राष्ट्र ने इस साल जून में अपनी 75 वीं वर्षगांठ को कोरोनावायरस के मद्देनजर भव्य पैमाने पर नहीं मनाया.

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