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आईपीएस अनंत देव (File Photo)

बिकरू कांड: एसआईटी (SIT) की रिपोर्ट में 80 अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया गया था. मामले में जल्द ही कई और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 12, 2020, 7:45 PM IST

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) में बिकरू कांड (Bikroo Case) को लेकर विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के बाद तत्कालीन एसएसपी और वर्तमान में डीआईजी अनंत देव (Anant Dev) को निलंबित कर दिया है. इसके अलावा गृह विभाग ने अनंत देव के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए हैं. वहीं कानपुर के तत्कालीन एसएसपी दिनेश पी से भी इस संबंध में स्पष्टीकरण तलब किया गया है. बता दें एसआईटी की रिपोर्ट में 80 अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया गया था. मामले में जल्द ही कई और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है.

अनंत देव के खिलाफ जांच की सिफारिश की गई थी

दरअसल पिछले दिनों विशेष जांच दल ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश सरकार को सौंप दी. रिपोर्ट में एसआईटी ने डीआईजी अनंत देव के खिलाफ जांच की सिफारिश की गई. दरअसल एसआईटी ने शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा के एक पत्र और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर इस जांच की सिफारिश की है. थानेदारों की ट्रांसफर, पोस्टिंग से जुड़े मामलों में ये जांच की सिफारिश की गई है.

वायरल ऑडियो में सीओ लगा रहे थे अनंत देव पर गंभीर आरोपबता दें बिकरू कांड के बाद शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का एक ऑडियो वायरल हुआ था. इस ऑडियो में बिकरू में रेड पर जाने से पहले सीओ देवेंद्र मिश्रा और एसपी ग्रामीण के बीच फोन पर बातचीत है. इसमें देवेंद्र मिश्रा चौबेपुर एसओ और पूर्व एसएसपी अनंत देव पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं.

सीओ ने एसपी ग्रामीण से कहा था कि पुराने एसएसपी अनंत देव ने एसओ विनय तिवारी पर हाथ रखा है. अनंत देव की वजह से ही विनय तिवारी बोलना सीख गया है. उन्होंने एसपी ग्रामीण को यह भी जानकारी दी थी कि विनय तिवारी डेढ़ लाख रुपए महीने लेकर जुआ खेलाता था. शिकायत पर भी विनय तिवारी पर कार्रवाई नहीं होती थी. यही नहीं एसओ ने जुआ खेलाने वाले से 5 लाख रुपये अनंत देव तिवारी को दिए थे.





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