Spread the love


  • Hindi News
  • National
  • ‘Polo’ Gets His First Posting: Dog Of Breed That Helped Eliminate Osama Bin Laden To Guard Delhi Metro From Next Week

नई दिल्ली2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

पोलो एक प्रशिक्षित डॉग है और दिल्ली मेट्रो में उसकी पहली पोस्टिंग होगी। -फाइल फोटो

  • सीआईएसएफ ने बताया- मुख्य मेट्रो स्टेशनों पर एजाइल बेल्जियन मेलिनोइस ब्रीड का डॉग पोलो तैनात किया जाएगा
  • 2 मई 2011 को अमेरिकन कमांडो ने ओसामा को मारा था, इस ऑपरेशन में एजाइल बेल्जियन मेलिनोइस ब्रीड के डॉग ने रोल निभाया था

करीब छह महीनों के बाद 7 सितंबर से दिल्ली मेट्रो की सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इस दौरान यात्री एक ऐसी खास ब्रीड के डॉग को भी देख सकते हैं, जिसने ओसामा बिन लादेन के खात्मे में अहम भूमिका निभाई थी। दरअसल, सीआईएसएफ ने मेट्रो की सुरक्षा के लिए एजाइल बेल्जियन मेलिनोइस ब्रीड के डॉग पोलो की तैनाती का फैसला लिया है।

पोलो एक प्रशिक्षित डॉग है और दिल्ली मेट्रो में उसकी पहली पोस्टिंग होगी। दिल्ली में इस ब्रीड के डॉग की भी यह पहली तैनाती होगी। पोलो की ही ब्रीड के डॉग कायरो ने अमेरिकन सील्स कमांडो की मदद ओसामा बिन लादेन को पहचानने में की थी। 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में अमेरिकी कमांडो ने ओसामा को मार गिराया था।

‘यह अकेला ऐसा डॉग है, जो तीन मोर्चों पर बेमिसाल है’

पोलो के हैंडलर एम मारीसेल्वम ने कहा- यह अकेला ऐसा डॉग है, जो तीन मोर्चों पर बेमिसाल है। इसकी सूंघने की क्षमता कमाल की है, यह हमला कर सकता है और रखवाली भी कर सकता है। जबकि, जर्मन शेफर्ड और लेब्राडोर जैसी ब्रीड इन तीनों में से केवल एक ही मोर्चा संभाल सकते हैं, जिसके लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया हो। सीआईएसएफ आमतौर पर एक डॉग के लिए एक ही हैंडलर रखती है, लेकिन पोलो खास है और इसके दो हैंडलर हैं।

एजाइल बेल्जियन मेलिनोइस ब्रीड इसलिए है खास
के9 टीम के हेड इंस्पेक्टर राजेंद्र पिलानिया ने बताया- तेजी, हमलावर स्किल्स के चलते पोलो पूरी तरह से अलग है। पोलो 40 किलोमीटर तक चल सकता है, जबकि दूसरे डॉग्स केवल 4 से 7 किलोमीटर तक चल पाते हैं। यह डॉग आतंकी हमले के दौरान भी यह अटैक कर सकता है। इसकी सूंघने की क्षमता बेमिसाल होती है।

मेट्रो की सुरक्षा में 61 डॉग्स तैनात
पिलानिया ने बताया कि दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा में यूनिट के 61 डॉग्स तैनात हैं। ये सभी मेट्रो में ही पूरे दिन मौजूद रहते हैं। 4 घंटे की अलग-अलग शिफ्ट में इनसे काम लिया जाता है। इन सभी की अपनी-अपनी खूबियां होती हैं। लेकिन, पोलो अलग है। उसे सबकुछ मालूम है।

0



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here