दोस्तो, अब जब अपने देश में बायोटेक की कोवैक्सीन (Covaxin) और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड (Covishield) को DCGI की ओर से आपातकालीन और सीमित इस्तेमाल की अनुमति मिल गई है, तो लोगों के बीच इसे लेकर तमाम तरह के शक-शुबहा और सवाल-जवाब का दौर पहले से अधिक तेज़ हो गया है. जैसा कि आप जानते हैं कि देश के कई राज्यों में कोविड वैक्सीन का ड्राई रन हो चुका है. जल्द ही देश में वैक्सीन लगनी शुरू हो जा जाएगी.

न्यूज18 हिंदी के स्पेशल पॉडकास्ट में हम आज आपको कोविड वैक्‍सीन से जुड़ी कुछ जरूरी बातें देने जा रहे हैं, ताकि भ्रम खत्म हों और केवल सटीक और सही जानकारी आपको मिल सके.

कोविड वैक्सीन का पहला फेज जल्द शुरू हो जाएगा. पहले फेज में देश के 30 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जाना है. किन लोगों का टीकाकरण किया जाएगा, यह प्राथमिकता के आधार पर तय किया गया है. इसके बाद जैसे-जैसे वैक्सीन की सप्लाई बढ़ती जाएगी, यह ज्यादा से ज्यादा लोगों को दिया जा सकेगा. दोस्तो आपको बता दें कि बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड दोनों ही वैक्सीन की दो खुराक दी जाएंगी.

पहले चरण में हेल्थ वर्कर्स और फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीके लगाए जाएंगे. उनके अलावा 50 साल से अधिक की आयु के स्त्री-पुरुषों को वरीयता दी जाएगी. 50 साल से नीचे की उम्र के वैसे लोग भी टीकाकरण अभियान में शामिल होंगे जिनमें कोरोना के सिमटम्स रहे हों. आपको बता दें कि इन दोनों ही वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री सेल्सियस पर स्टोर किया गया है.

दोस्तो लोगों में टीकाकरण को लेकर भ्रम की स्थिति है. सरकार यह साफ कर चुकी है कि टीका लगवाना अनिवार्य नहीं होगा, बल्कि आप यह लगवाना चाहते हैं या नहीं, यह पूरी तरह से आप पर निर्भर करेगा. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जितने ज्यादा लोगों तक यह वैक्सीन पहुंच जाएगी, उतनी ही जल्दी हर्ड इम्युनिटी विकसित हो जाएगी. ऐसा पाया गया है कि करीब 70 फ़ीसदी लोगों को वैक्सीन लग जाने पर हर्ड इम्युनिटी पैदा हो जाती है.

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दोस्तो, रजिस्ट्रेशन के लिए आपको अपना फोटो आईडी जमा करना अनिवार्य होगा. फोटो आईडी के लिए आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा का जॉब कार्ड, बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते की आपकी पासबुक, MP/MLA/MLC द्वारा जारी किया गया आपका कोई पहचान पत्र या फिर पेंशन कार्ड, आपके एम्पलॉयर द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र या फिर वोटर आईकार्ड भी जमा करवा सकते हैं. बस ध्यान रहे कि जो आईडी रजिस्ट्रेशन के समय दिया जाएगा, वही टीकाकरण के समय देखा जाएगा और उसी से मिलान किया जाएगा.

दोस्तो वैक्सिनेशन की दो डोज़ होंगी. डोज़ के लिए वैक्सीन पॉइंट्स बनाए गए हैं. जिन लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी, उनका प्रॉपर डाटाबेस बनाया जाएगा और उसी हिसाब से उन्हें अगली वैक्सीन भी लगाई जाएगी.

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक एक्सपर्ट्स का तो कहना है कि इन सभी वैक्सीन्स की सुरक्षा संबधी रिपोर्ट काफी अच्छी है. हो सकता है वैक्सिनेशन के चलते मामूली बुखार आ जाए या फिर सिरदर्द या इंजेक्शन लगाने वाली जगह पर दर्द होने लगे. डॉक्टरों का कहना है कि अगर कोई वैक्सीन 50 फीसदी तक प्रभावी होती है, तो उसे सफल वैक्सीन की श्रेणी में रखा जाता है.

एक सवाल यह भी है कि क्या इसे लगाने के बाद आपको मास्क लगाने की जरूरत नहीं रहेगी या फिर दोबारा कोरोना तो नहीं हो जाएगा… तो दोस्तो डॉक्टरों का कहना है कि दोबारा कोरोना होने के आसार बेहद कम हैं और अगर किसी को दोबारा संक्रमण हो भी जाता है तो वह उतना गंभीर नहीं होगा.

वहीं यह सोचना कि वैक्सीन लगने के बाद बिना मास्क लगाए घूम सकते हैं, तो यह गलत होगा. वैक्सीन लगाने के बाद भी मास्क लगाना जरूरी है. सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन जैसे उपाय वैक्सीन लगवाने के बाद भी करते रहने होंगे.

कुल मिलाकर दोस्तो, कोविड 19 से मची तबाही को काफी हद तक यह वैक्सिनेशन थाम लेगा, ऐसी उम्मीद बनती है. आइए, वैक्सीन बनाने वाले रिसर्चर्स, डॉक्टर्स और ट्रायल लेने वाले वॉलंटियर्स का शुक्रिया अदा करें जिन्होंने दिन रात एक करके इसे जल्द से जल्द अंजाम देने की कोशिश की.

तो दोस्तो जल्द ही मिलेंगे एक नई जानकारी और जरूरी सूचनाओं के साथ. तब तक के लिए मैं पूजा प्रसाद आपसे इजाज़त लेती हूं. नमस्कार.​





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