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नई दिल्ली11 मिनट पहले

दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 करोड़ किसानों के खातों में किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) की किश्त के 18 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इसके बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों को संबोधित किया। मोदी ने नए कृषि कानूनों के फायदे गिनाए। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार और दूसरे विरोधियों पर भी निशाना साधा।

मोदी ने कहा कि बंगाल में जो किसानों को फायदा नहीं पहुंचने दे रहे, वे दिल्ली आकर किसानों की बात करते हैं। साथ ही कहा कि नए कानूनों के बाद किसान जहां चाहें और जहां सही दाम मिले, वहां अपनी उपज बेच सकते हैं।

मोदी की 1 घंटे 20 मिनट चर्चा की 10 अहम बातें

1. बंगाल के 70 लाख किसानों को लाभ नहीं मिलने का अफसोस
मोदी ने कहा कि आज देश के 9 करोड़ से ज्यादा किसान परिवारों के बैंक खाते में सीधे, एक क्लिक पर 18 हज़ार करोड़ रुपए जमा हुए हैं। जब से ये योजना शुरू हुई है, तब से 1 लाख 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों के खाते में पहुंच चुके हैं। मुझे आज इस बात का अफसोस है कि मेरे पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को इसका लाभ नहीं मिल पाया है। बंगाल के 23 लाख से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। लेकिन, राज्य सरकार ने वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को इतने लंबे समय से रोक रखा है।

2. बंगाल में 30 साल में किसानों के लिए आवाज नहीं उठाई गई
कई किसानों ने भारत सरकार को सीधी चिट्ठी लिखी है, लेकिन राज्य सरकार इसे अटकाकर बैठ गई है। जो लोग बंगाल में 30-30 साल तक राज करते थे, वे लोग बंगाल को कहां से कहां ले गए। उन लोगों ने किसानों को मिलने वाले 2 हजार रुपए के लिए आवाज नहीं उठाई और आंदोलन के लिए पंजाब चले गए। क्या देश की जनता को इस खेल का पता नहीं है। विपक्ष की जुबान इस पर क्यों बंद हो गई है।

3. APMC की बात करने वाले केरल में आंदोलन नहीं करते
जो दल पश्चिम बंगाल में किसानों के अहित पर कुछ नहीं बोलते, वो यहां दिल्ली में आकर किसान की बात करते हैं। इन दलों को आजकल APMC मंडियों की बहुत याद आ रही है। लेकिन ये बार-बार भूल जाते हैं कि केरल में APMC मंडियां हैं ही नहीं। केरल में ये लोग कभी आंदोलन नहीं करते। हमने लक्ष्य बनाकर काम किया कि देश के किसानों की इनपुट कॉस्ट कम हो। सॉयल हेल्थ कार्ड, यूरिया की नीम कोटिंग, लाखों सोलर पंप की योजना, इसीलिए शुरू हुई। सरकार ने प्रयास किया कि किसान के पास एक बेहतर फसल बीमा कवच हो। आज करोड़ों किसानों को पीएम फसल बीमा योजना का लाभ हो रहा है।

4. लागत का डेढ़ गुना MSP दिया
हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना MSP किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर MSP मिलती थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई। हम इस दिशा में भी बढ़े कि फसल बेचने के लिए किसान के पास सिर्फ एक मंडी नहीं बल्कि नए बाजार हों। हमने देश की एक हजार से ज्यादा कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा। इनमें भी एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार हो चुका है।

5. दस हजार से ज्यादा किसान उत्पादक संघों को आर्थिक मदद दे रहे
हमने एक और लक्ष्य बनाया कि छोटे किसानों के समूह बनें ताकि वे अपने क्षेत्र में एक सामूहिक ताकत बनकर काम कर सकें। आज देश में 10 हजार से ज्यादा किसान उत्पादक संघ FPO बनाने का अभियान चल रहे हैं, उन्हें आर्थिक मदद दी जा रही है। आज देश के किसान को अपना पक्का घर मिल रहा है, शौचालय मिल रहा है, साफ पानी मिल रहा है।

6. नए कानूनों में किसानों की मर्जी का ध्यान रखा
कृषि सुधारों के जरिए हमने किसानों को बेहतर विकल्प दिए हैं। इन कानूनों के बाद आप जहां चाहें जिसे चाहें अपनी उपज बेच सकते हैं। आपको जहां सही दाम मिले आप वहां पर उपज बेच सकते हैं। आप न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर अपनी उपज बेचना चाहते हैं तो उसे बेच सकते हैं। आप मंडी में अपनी उपज बेचना चाहते हैं तो वहां भी बेच सकते हैं। निर्यात करना चाहें या व्यापारी को बेचना चाहें यह भी आपकी मर्जी है।

7. किसान चाहें तो वैल्यू चेन का हिस्सा भी बन सकते हैं
आप अपनी उपज दूसरे राज्य में बेचना चाहते हैं तो बेच सकते हैं। आप FPO के जरिए उपज को एक साथ बेचना चाहें तो बेच सकते हैं। आप बिस्किट, चिप्स, जैम, दूसरे कंज्यूमर उत्पादों की वैल्यू चेन का हिस्सा बनना चाहें तो ये भी कर सकते हैं। जब हमने दूसरे सेक्टर में इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन बढ़ाया तो हमने आय बढ़ाने के साथ ही उस सेक्टर में ब्रांड इंडिया को भी स्थापित किया। अब समय आ गया है कि ब्रांड इंडिया दुनिया के कृषि बाजारों में भी खुद को उतनी ही प्रतिष्ठा के साथ स्थापित करे।

8. नए कानूनों से किसानों को फायदा हो रहा
कृषि सुधार का अहम पक्ष रखना जरूरी है कि एग्रीमेंट करने वाला किसानों को अच्छी फसल उगाने में मदद करेगा। अगर फसल खराब हो गई तो सामने वाला एग्रीमेंट खत्म नहीं कर सकता, लेकिन किसान एग्रीमेंट कभी भी खत्म कर सकता है। किसी स्थिति में उपज अच्छी हुई, एग्रीमेंट वाले को ज्यादा मुनाफा हो रहा है, तो किसान बोनस का भी हकदार होगा। खबरें आ रही हैं कि कैसे किसान एक-एक कर नए कानूनों का फायदा उठा रहे हैं।

9. कुछ लोग किसानों के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे
कुछ राजनीतिक दलों को लोगों ने नकार दिया है, वे किसानों को गुमराह कर सकारात्मक चर्चा नहीं होने दे रहे। ये लोग किसानों के कंधों पर रखकर बंदूकें चला रहे हैं। ये लोग हिंसा के आरोपियों को जेल से छुड़ाने की मांग कर रहे हैं। टोल टैक्स न देने की मांग कर रहे हैं। ऐसी परिस्थिति में भी देशभर के किसानों ने कृषि कानूनों का समर्थन किया है। मैं किसान भाइयों-बहनों को भरोसा दिलाता हूं, उन पर कोई आंच नहीं आने दूंगा।

10. किसानों के मुद्दे पर विरोधियों से भी बात करने को तैयार
पिछले दिनों अनेक राज्यों, चाहे असम हो, राजस्थान हो, जम्मू-कश्मीर हो, इनमें पंचायतों के चुनाव हुए। इनमें प्रमुख ग्रामीण इलाकों के लोगों और किसानों ने ही हिस्सा लिया। उन्होंने किसानों को गुमराह करने वाले सभी दलों को नकार दिया। विपक्ष के लोगों ने जिस भाषा का प्रयोग किया, उसके बाद भी मैं विनम्रता से कहना चाहता हूं कि सरकार उनसे भी बात करने को तैयार है, लेकिन बात किसानों के मुद्दों पर ही होगी।

इससे पहले मोदी ने अलग- अलग राज्यों के किसानों से इंडिविजुअल बात करते हुए कहा कि कुछ लोग भ्रम फैला रहे हैं कि नए कृषि कानूनों से आपकी जमीन चली जाएगी। ऐसे लोगों की बातों में नहीं आएं। कुछ नेता किसानों के नाम पर अपना एजेंडा चला रहे हैं।

इन राज्यों के किसानों से चर्चा

अरुणाचल प्रदेश
किसान: मुझे 4 महीने में 2-2 हजार मिले। पीएम फंड से मिले पैसे से ऑर्गेनिक फार्मिंग शुरू की और FPO बनाया। ऑर्गेनिक अदरक उगाते हैं।
मोदी: जिन कंपनियों से आप जुड़े हैं, वे आपसे सिर्फ अदरक लेते हैं कि जमीन भी ले जाते हैं।
किसान: ऐसा नहीं होता।

ओडिशा
किसान
: 12 मार्च 2019 को किसान क्रेडिट कार्ड मिला। मैंने 4% पर लोन लिया है। साहूकार से 20% से कर्ज मिलता है। लोन के पैसे से मेरे जीवन में सुधार हुआ है। मेरे पास एक एकड़ जमीन है।
मोदी: अटलजी की सरकार ने किसानों को कम दरों को लोन देने की शुरुआत की थी, हम इसी काम को आगे बढ़ा रहे हैं।

हरियाणा
किसान: पहले मैं सिर्फ चावल की खेती करता था, लेकिन अब बागबानी भी करता हूं। मैंने 3 एकड़ में नींबू और 7 एकड़ में अमरूद उगाए हैं। हम इन्हें लोकल मंडी में बेचते हैं, जहां अच्छे दाम मिलते हैं।

तमिलनाडु
किसान: मुझे ड्रिप इरिगेशन से काफी फायदा हुआ। इससे पानी की भी काफी बचत हुई।
मोदी: आपने कमाई तो की, साथ ही पानी बचाकर मानव सेवा भी की। आपकी आय भी बढ़ी और जमीन का उपयोग भी हुआ। आपसे आग्रह करूंगा कि और किसानों को भी समझाइए कि पानी की ज्यादा जरूरत नहीं होती।

उत्तर प्रदेश
किसान: डेढ़ एकड़ में खेती करते हैं। FPO में 100 छोटे-छोटे किसान हैं।
मोदी: क्या आपको लगता है कि नए सुधारों से फायदा होगा। आपकी जमीन तो नहीं जाएगी?
किसान: हां, इनसे हमें फायदा हो रहा है। जमीन जाने जैसी कोई बात नहीं।

सरकार की नीतियां किसानों तक पहुंचाने के लिए सरकार के प्रमुख मंत्रियों ने भी अलग-अलग राज्यों में किसानों को संबोधित किया।

मंत्री कहां संबोधन
अमित शाह किशनगढ़ गांव, महरौली, दिल्ली
नितिन गडकरी सिलचर, असम
गजेंद्र सिंह शेखावत जैसलमेर, राजस्थान
रविशंकर प्रसाद पटना, बिहार
वीके सिंह गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश

आज का दिन क्यों चुना?
आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती है। इस मौके पर भाजपा देशभर कार्यक्रम करवा रही है। इन कार्यक्रमों में केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक शामिल हो रहे हैं। किसानों के लिए चौपाल लगाई जा रही हैं।



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