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नई दिल्ली6 घंटे पहले

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लक्ष्मी विलास बैंक पहले से ही आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। लक्ष्मी विलास बैंक एक कमर्शियल बैंक है। इसकी 505 शाखाएं और करीब 981 ATM हैं।

  • RBI ने डिपॉजिटर्स से कहा- उनका पैसा सुरक्षित, घबराएं नहीं
  • DBS बैंक के साथ लक्ष्मी विलास बैंक को मिलाने की योजना

लक्ष्‍मी विलास बैंक के ग्राहकों को झटका लगा है। केंद्र सरकार ने लक्ष्‍मी विलास बैंक से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। इसके तहत 16 दिसंबर तक बैंक से ग्राहक केवल 25 हजार रुपए ही निकाल सकेंगे। यह जानकारी एक बयान के जरिए वित्त मंत्रालय ने दी है। यह फैसला सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सलाह पर लिया है।

RBI ने डिपॉजिटर्स को भरोसा दिलाया है कि उनका पैसा सुरक्षित है और वे किसी भी अफवाह या घबराहट में न आएं।

कुछ खास जरूरतों के लिए ज्यादा निकाल सकेंगे

वित्त मंत्रालय के अनुसार, हालांकि कुछ खास शर्तों जैसे इलाज, उच्च शिक्षा के लिए फीस जमा करने और शादी आदि कार्यों के लिए जमाकर्ता रिजर्व बैंक की अनुमति से 25 हजार रुपये से ज्यादा की निकासी कर सकेंगे। वित्त मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, बैंक पर एक महीने का मोरेटोरियम लगाया गया है। यह 17 नवंबर से 16 दिसंबर तक के लिए लागू किया गया है। यह आदेश RBI अधिनियम की धारा 45 के तहत है।

पहले से ही आर्थिक संकट में फंसा है बैंक

लक्ष्मी विलास बैंक पहले से ही आर्थिक संकट में फंसा हुआ है। लक्ष्मी विलास बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की जगह रिजर्व बैंक ने एडमिनिस्ट्रेटर की नियुक्ति की है। बैंक की आर्थिक स्थिति काफी लंबे समय से खराब है। RBI ने कहा कि यह पिछले तीन सालों से लगातार घाटा पेश कर रहा है। इसकी नेटवर्थ भी घट रही है। ऐसा अनुमान है कि बैंक को लगातार आगे भी घाटा होता रहेगा। क्योंकि इसका बुरा फंसा कर्ज (NPA) लगातार बढ़ रहा है। बैंक निगेटिव नेटवर्थ से पार पाने के लिए कोई भी पूंजी नहीं जुटा पा रहा है।

लगातार ग्राहक पैसे निकाल रहे थे

RBI ने कहा कि बैंक की जमा में लगातार ग्राहक निकासी कर रहे हैं और इसकी लिक्विडिटी कम हो रही है। बैंक में गंभीर गवर्नेंस मुद्दे भी हाल के सालों में बढ़े हैं। बैंक को RBI ने 2019 सितंबर में प्रांप्ट करेक्टिव एक्शन (PCA) के दायरे में डाल दिया था। बैंक ने सितंबर तिमाही में 397 करोड़ रुपए का नुकसान बताया था। एक साल पहले इसी तिमाही में इसका नुकसान 357 करोड़ रुपए था। इसका ग्रॉस NPA 24.45% पर पहुंच गया है।

RBI लक्ष्मी विलास बैंक को DBS बैंक के साथ मिलाने की योजना को भी देख रहा है। जैसे ही यह एक महीने का मोरेटोरियम खत्म होगा, RBI इस पर फैसला ले सकता है।

जानिए लक्ष्मी विलास बैंक के बारे में सबकुछ-

लक्ष्मी विलास बैंक तमिलनाडु के प्राइवेट सेक्टर की बैंक है। इसका हैडक्वार्टर चेन्नई में है। बैंक का गठन 1926 में हुआ था। यानी यह बैंक 94 साल पुराना है। देशभर में इस बैंक की 16 राज्यों में 563 शाखाएं और 918 ATM हैं। RBI ने 27 सितंबर को सीओडी को नियुक्त किया था। इसमें तीन स्वतंत्र निदेशक मीता मखान, शक्ति सिन्हा और सतीश कुमार कालरा शामिल हैं।

हाल ही में नकदी संकट का सामना कर रहे लक्ष्मी विलास बैंक की बोर्ड बैठक हुई थी। इस बैठक में बोर्ड ने राइट्स इश्यू के जरिए 500 करोड़ रुपए की राशि जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। बैंक ने अपने ग्राहकों को भरोसा दिया था कि मौजूदा संकट का उनकी जमाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

यह पढ़ें- डिपॉजिटर्स का पैसा सुरक्षित

इससे पहले यस बैंक और PMC बैंक पर भी लगा था प्रतिबंध

इससे पहले यस बैंक में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। इसके बाद बैंक से निकासी पर एक सीमा तय कर दी गई थी। उससे पहले PMC बैंक पर भी इसी रह का प्रतिबंध लगाया गया था। PMC से पहले 1000 रुपये से ज्यादा नहीं निकालने की पाबंदी लगी थी। बाद में यह रकम बढ़ाकर एक लाख रुपए कर दी गई।



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