MP में कांग्रेस की क्राउड पॉलिटिक्स, भीड़ का वीडियो दिखा कर समर्थन देने की हो रही अपील 
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MP में कांग्रेस की क्राउड पॉलिटिक्स, भीड़ का वीडियो दिखा कर समर्थन देने की हो रही अपील 

28 सीटों पर उपचुनाव होना है और ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के तमाम बड़े नेता चुनावी कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं.

हाईकोर्ट (High Court) ने कोरोना संकट काल के चलते चुनावी कार्यक्रम में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने पर एफआईआर कराने का फैसला सुनाया है. लेकिन अब कांग्रेस ने क्राउड पॉलिटिक्स के जरिए ही उपचुनाव में बीजेपी को चुनौती देने की तैयारी कर ली है

भोपाल. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के 28 विधानसभा सीटों में से 27 सीटों पर बीजेपी और कांग्रेस के उम्मीदवार घोषित होने के बाद मुकाबले की तस्वीर साफ हो गई है. उपचुनाव में जीत के लिए अब कांग्रेस पार्टी ने क्राउड पॉलिटिक्स (Crowd Politics) का सहारा लेना शुरू कर दिया है. एमपी कांग्रेस ने एक वीडियो वायरल किया है, जिसमें कमलनाथ की सभा में भीड़ का वीडियो दिखाया गया है. वायरल वीडियो में कमलनाथ (Kamal Nath) कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि ये भीड़ सरकारी नहीं है. भीड़ की तस्वीर देखकर सच्चाई का साथ देने की कमलनाथ अपील करते हुए भी दिखाई दे रहे हैं.

दरअसल, हाईकोर्ट ने कोरोना संकट काल के चलते चुनावी कार्यक्रम में 100 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुटने पर एफआईआर कराने का फैसला सुनाया है. लेकिन अब कांग्रेस ने क्राउड पॉलिटिक्स के जरिए ही उपचुनाव में बीजेपी को चुनौती देने की तैयारी कर ली है और यही कारण है कमलनाथ जनसभा आ रही भीड़ को अब कांग्रेस ने सभी 28 सीटों पर कैश कराने की तैयारी कर ली है. कांग्रेस आईटी सेल की तरफ से जारी किए गए वीडियो में कमलनाथ की क्राउड पॉलिटिक्स नजर आ रही है. वहीं, बीजेपी ने कांग्रेस की क्राउड पॉलिटिक्स पर निशाना साधते हुए कहा है यह पूरी तरीके से प्रायोजित भीड़ है. प्रदेश के मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा है उपचुनाव वाली सीटों पर कांग्रेस की सभाओं में जुट रही भीड़ पूरी तरीके से बाहर से आई भीड़ है.  स्थानीय स्तर पर कांग्रेस को समर्थन नहीं मिल रहा है.

 कमलनाथ समेत आठ लोगों पर दर्ज हुई एफआईआर
दो दिन पहले दतिया के भांडेर में कमलनाथ की चुनावी सभा में और हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन नहीं करने पर पूर्व सीएम कमलनाथ कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया समेत आठ नेताओं पर केस दर्ज किया गया था. कोर्ट के आदेश के बाद प्रदेश के किसी बड़े नेता के खिलाफ यह पहली कार्रवाई है. वहीं, कांग्रेसियों पर दर्ज एफआईआर को लेकर कांग्रेस भड़क उठी है. पूर्व मंत्री डॉक्टर गोविंद सिंह ने कहा है कि भांडेर में कार्यक्रम हुआ है. पूर्व से तय किया कार्यक्रम था और कार्यक्रम में खुद भीड़ जुटी थी. जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह चुनावी कार्यक्रम में 100 से ज्यादा की संख्या में भीड़ जुटने पर रोक लगाने का काम करें. कांग्रेस पार्टी ने कमलनाथ समेत आठ लोगों पर दर्ज एफआईआर को राजनीतिक द्वेष भावना से की गई कार्रवाई करार दिया है.28 सीटों पर उपचुनाव होना है

बहराल प्रदेश की 28 सीटों पर उपचुनाव होना है और ऐसे में बीजेपी और कांग्रेस के तमाम बड़े नेता चुनावी कार्यक्रम का हिस्सा बन रहे हैं. और चुनावी कार्यक्रमों में जुट रही भीड़ हाईकोर्ट के दिशा निर्देशों के विपरीत है. लेकिन अब क्राउड पॉलिटिक्स के जरिए कांग्रेस सच का साथ देने की अपील कर रही है.और कांग्रेस के क्राउट पॉलिटिक्स पर सियासत भी गर्म हो गई है. प्रदेश में उपचुनाव होने में अभी 25 दिन का समय बाकी है और इन 25 दिनों में कितनी सभाओं में कितनी भीड़ जुटती है और कितने प्रकरण दर्ज होते हैं यह देखना भी दिलचस्प होगा.





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