ब्रिटेन की प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (फाइल फोटो)

यूरोपीय यूनियन (EU) और ब्रिटेन (Britain) के बीच व्यापार समझौता हो गया. लंदन में प्रधानमंत्री कार्यालय और ब्रसेल्स में ईयू मुख्यालय ने समझौता होने की पुष्टि कर दी है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 24, 2020, 10:56 PM IST

लंदन. ब्रेक्जिट (Brexit) के बाद व्यापार पर ब्रिटेन (Britain) और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच आखिरकार समझौता हो गया है. ब्रिटिश सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि सौदे पर मुहर लग गई है. महीनों की बातचीत और कड़ी सौदेबाजी के बाद लगभग अंतिम समय में दोनों पक्ष गुरुवार को इस समझौते पर पहुंचे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा, ”हमने यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ व्यापार सौदे को अंतिम रूप दे दिया है. हमने अपने पैसे, सीमा, कानूनों, व्यापार और मछली पकड़ने के जलीय क्षेत्र को वापस ले लिया है.”

उन्होंने कहा कि हमने व्यापार पर अपना नियंत्रण वापस ले लिया है. अब हमारे माल को टैरिफ के बिना बेचा जाएगा. हम अब एक स्वतंत्र व्यापारिक राष्ट्र के रूप में हमारे लिए उपलब्ध शानदार अवसरों का पूरा लाभ उठा सकते हैं और दुनिया भर के अन्य साझेदारों के साथ व्यापार समझौते कर सकते हैं. इस समझौते पर प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने खुशी व्यक्त की है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने आगे कहा कि जनवरी से हम नए सिरे से काम शुरू करेंगे और नई नौकरियों की शुरुआत करेंगे. यूरोपीय संघ को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि हम आपके सबसे अच्छे सहयोगी, मित्र और आपके लिए सबसे विशाल बाजार हैं. हम हमेशा आपके साथ जुड़े रहेंगे.

जॉनसन के कार्यालय ने कहा कि यह सौदा ब्रिटेन के हर हिस्से में रह रहे परिवारों और व्यवसायों के लिए शानदार खबर है. हमने पहले मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जो जीरो टैरिफ और जीरो कोटा पर आधारित है. यह कभी भी ईयू के साथ रहते हुए हासिल नहीं किया जा सकता था. यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा, भले ही सफर बहुत लंबा और मुश्किलों भरा रहा परन्तु हमने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है. यह यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के लिए एक उचित और संतुलित समझौता है. यह समाधान खोजने का एक अच्छा उपाय है और समझौते का फायदा दोनों पक्षों को मिलेगा.

ये भी पढ़ें:बता दें कि ब्रिटेन जनवरी 2020 में ही यूरोपीय संघ से अलग हो गया था लेकिन व्यापारिक समझौते के लिए 31 दिसंबर 2020 की अंतिम समयसीमा है. अगर 31 दिसंबर तक डील पर मुहर न लगती तो वस्तुओं पर अलग-अलग टैक्स या टैरिफ लगाना पड़ता.







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