Spread the love


  • Hindi News
  • Happylife
  • Could Washing Your Nose With IODINE Protect You From COVID 19 Swabbing The Virus With The Antiseptic For 15 Seconds Completely Killed It In Lab Study

15 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
  • अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टिकट स्कूल ऑफ मेडिसिन ने तीन तरह के एंटीसेप्टिक आयोडीन पर प्रयोग किया
  • कहा- सबसे ज्यादा ACE2 रिसेप्टर्स नाक में होते हैं जिनकी मदद से कोरोना शरीर में घुसता है, यहां इसे कंट्रोल करना जरूरी

अमेरिकी वैज्ञानिकों ने आयोडीन से कोरोना को खत्म करने का दावा किया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, नाक और मुंह को आयोडीन से साफ किया जाए तो कोरोना को रोका जा सकता है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कनेक्टिकट स्कूल ऑफ मेडिसिन ने इसे अपनी रिसर्च में समझाया है। रिसर्च कहती है, 0.5 फीसदी कंसंट्रेशन वाले आयोडीन सॉल्यूशन में जब कोरोना छोड़ा गया तो 15 सेकंड में खत्म हो गया।

रिसर्चर्स का कहना है, आयोडीन से सफाई करके वायरस से बचाव किया जा सकता है और कोरोना को फेफड़ों तक पहुंचने से रोका जा सकता है। ऐसा करते हैं तो मरीज की हालत नाजुक होने से बच सकती है।

कैसे वायरस को खत्म करेगा आयोडीन
रिसर्चर्स का कहना है, इंसान की नाक में सबसे ज्यादा ACE2 रिसेप्टर्स होते हैं, जो कोरोना को संक्रमण फैलाने में मदद करते हैं। ज्यादातर मामलों में वायरस की एंट्री नाक या मुंह से ही होती है। वायरस को यहीं रोकने के लिए क्लीनिकल ट्रायल में नाक और मुंह की सफाई पर फोकस किया गया है।

रिसर्चर्स ने इसे समझाने के लिए आयोडीन के तीन एंटीसेप्टिक सॉल्यूशंस (PVP-I) तैयार किए। इनमें आयोडीन की मात्रा 0.5%, 1.25% और 2.5% रखी गई। रिसर्च में सामने आया कि 0.5% वाले सॉल्यूशन में वायरस 15 सेकंड में ही खत्म हो गया।

इसके अलावा इन अलग-अलग सॉल्यूशन में 70 फीसदी एथेनॉल डालकर 15 सेकंड और 30 सेकंड बाद कोरोना पर असर देखा गया। प्रयोग में एथेनॉल कोरोना को पूरी तरह खत्म करने में कारगर साबित नहीं हुआ। रिसर्चर्स का कहना है, अगर कोरोना को आयोडीन के साथ रखते हैं तो वायरस को खत्म करने के लिए 15 सेकंड काफी हैं।

एयरोसॉल और ड्रॉपलेट्स कंट्रोल किए जा सकेंगे

रिसर्चर्स का कहना है, डॉक्टर्स मरीजों को आयोडीन सॉल्यूशन से नाक को धोने का सही तरीका बताएं ताकि वे इसका इस्तेमाल कर सकें। ऐसा किया जाता है तो मुंह या नाक से निकलने वाले कोरोना के एयरोसॉल या ड्रॉपलेट्स के जरिए होने वाले संक्रमण का खतरा कम किया जा सकता है।

0



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here