BJP का
Spread the love


चेन्नई. तमिलनाडु में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के दोनों गुटों के विलय में अब ज्यादा वक्त नहीं रह गया है. दोनों खेमे इस पर सहमत हो चुके हैं और विलय को अंतिम रूप दिया जा रहा है. जयललिता (Jaylalitha) के निधन के बाद से ही AIADMK के अंदर उठापटक का दौर जारी है. ये बात खबरों में हमेशा रही कि बीजेपी पर्दे के पीछे से पार्टी के अंदर मचे घमासान में एक खास गुट को समर्थन दे रही है, लेकिन अब जो बातें सामने आ रही हैं उससे बीजेपी का रोल साफ नजर आ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बीजेपी AIADMK के दोनों गुटों में विलय के लिए अहम भूमिका निभा रही है.

दरअसल, जयललिता के निधन के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि तमिलनाडु की सत्ता में दोबारा काबिज होने के लिए AIADMK को DMK से कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. बीजेपी ने दिसंबर 2016 में जयललिता की मौत के बाद AIADMK में विभाजन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. एक धड़े का नेतृत्व जयललिता के खास ओ पनीरसेल्वम कर रहे हैं और दूसरा खेमा जयललिता की विश्वासपात्र सहेली शशिकला (Sasikala) का बना. फिलहाल शशिकला के कहने पर ई. पलानीस्वामी सत्ता संभाल रहे हैं. शशिकला अभी बेंगलुरु जेल में हैं और अगले साल जनवरी की शुरुआत में उनकी रिहाई अपेक्षित है.

तमिलनाडु में पन्नीरसेल्वम को CM पद का एकमात्र उम्मीदवार बताने वाले पोस्टर, पार्टी में हलचल

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक एक उच्च पदस्थ सूत्र के अनुसार, अगर बातचीत फलदायी रही तो शशिकला की जल्द से जल्द रिहाई का वादा किया गया है. हालांकि, दिनाकरन ने कहा है कि विलय के बाद उनकी चाची को पार्टी में महासचिव बनाया जाए और उन्हें एक महत्वपूर्ण पद दिया जाए. फिलहाल तमिलनाडु में सरकार की बागडोर पलानीस्वामी (सीएम) और पनीरसेल्वम (डिप्टी सीएम) के पास है. लेकिन, पार्टी की बागडोर शशिकला के पास ही है.

अन्नाद्रमुक के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा कि दोनों गुटों में विलय होना और जिम्मेदारियों का विभाजन ज्यादातर पार्टी सदस्यों की सहमति से ही होगा. उन्होंने कहा, ‘अम्मा (जयललिता) की मृत्यु के बाद पार्टी में कोई भी निर्विवाद नेता नहीं था. ऐसे में यह सुनिश्चित करने के लिए बीजेपी अपने मिशन में सफल रही. एदापद्दी पलानीस्वामी भी शशिकला की मदद से अपनी खोई जमीन पाने की उम्मीद कर सकते हैं. जैसा कि सभी को इसमें रुचि है इस विलय की संभावना है.’

हालांकि, एआईएडीएमके के नेता भी मानते हैं कि अगर पलानीस्वामी खेमा झुकने के लिए तैयार हो गया, तो उसमें केंद्रीय एजेंसीज के द्वारा की जा रही करवाई की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. पहले मुख्य सचिव के घर पर छापा, फिर स्वस्थ्य मंत्री के घर छापा और कई मंत्रियों के पास सेंट्रल एजेंसीज के फोन ने मुख्यमंत्री खेमे को हथियार डालने पर मजबूर कर दिया.

तमिलनाडु से बड़ी खबर, अंतिम सेमेस्टर को छोड़ कर अन्य सभी परीक्षाएं रद्द

बहरहाल, पार्टी में विलय होते ही ये साफ हो जाएगा कि शशिकला और उनका परिवार एआईएडीएमके से पूरी तरह बाहर हो जायेगा. पार्टी को चुनाव चिन्ह वापस मिल जाएगा. बीजेपी को उम्मीद है कि इसके बाद एआईएडीएमके, एनडीए का हिस्सा बन जाएगी. अगर ऐसा होता है तो आगे तमिलनाडु में विधानसभा का चुनाव जीतना बीजेपी के लिया आसान हो जाएगा.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here