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वॉशिंगटन: चीन की इंटरनेशनल जासूसी पर बड़ी खबर सामने आई है. अब अमेरिका ने भी मान लिया है कि चीन ने भारत में जासूसी की है. यही नहीं अमेरिका ने इस मामले में पांच चीनी लोगों को आरोपी भी बनाया है. ये

चीन की कंपनी शेनझेन इंफोटेक और झेन्हुआ इंफोटेक पर भारत में जासूसी करने का आरोप लगा है. शेनझेन इंफोटेक कंपनी ये जासूसी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार के लिए कर रही है. इस कंपनी का काम दूसरे देशों पर नजर रखना है. अंग्रेजी समाचार पत्र इंडियन एक्सप्रेस की खबर में कहा गया है कि चीन की सरकार 10,000 से अधिक भारतीय लोगों और संगठनों पर नजर रख रही है.

चीनी जासूसी पर भारत सरकार ने दिए जांच के आदेश

चीन की कंपनी के भारत में डाटा जासूसी मामले पर सरकार ने जांच शुरू कर दी है. इस मामले में नेशनल साइबर सेक्युरिटी कोऑर्डिनेशन की निगरानी में सरकार ने एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई है. यह कमेटी तीस दिन के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगी. विदेश मंत्रालय ने भारत में चीन के राजदूत के सामने चीनी कंपनी शेनहुआ इनफोटेक के जासूसी करने का मामला उठाया.

चीन का कंपनी के साथ संबंध से इनकार

चीन की कंपनियों के भारत के कुछ नेताओं की जासूसी करने की खबरों के बीच सरकार ने बुधवार को इस मुद्दे को चीन के राजदूत के समक्ष उठाया. यह जानकारी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता के सी वेणुगोपाल को एक पत्र लिखकर दी है.

मंत्री ने वेणुगोपाल को बताया, ‘इस मामले को विदेश मंत्रालय ने आज चीन के राजदूत के समक्ष उठाया. बीजिग में हमारे दूतावास ने इसे चीन के विदेश मंत्रालय के समक्ष भी उठाया. चीनी पक्ष ने कहा कि शेनजेन जेन्हुआ एक निजी कंपनी है. चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि संबंधित कंपनी और चीन सरकार के बीच कोई संबंध नहीं है.’

जयशंकर ने पत्र में बताया कि शेनजेन जेन्हुआ के एक प्रतिनिधि ने कहा कि डेटा मुक्त स्रोत (ओपन सोर्सेज) से लिए गए हैं. कंपनी ने गोपनीय सूत्रों से निजी जानकारियां हासिल किए जाने की बात से इनकार किया है.

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