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डिजिटल डेस्क। दुनियाभर में लगभग 6,900 से भी ज्यादा भाषाएं बोली जाती हैं। इनमें से कई भाषा ऐसी हैं, जो हजारों साल पुरानी है। वहीं कई भाषा ऐसी भी हैं, जिनका अस्तित्व बहुत जल्द ही खत्म होने वाला है। क्योंकि इन भाषाओं को बोलने वाले मुश्किल से हजार लोग ही बचे हैं। कुछ इसी तरह की एक भाषा यघान है। अर्जेंटीना के एक द्वीप की ये मूल भाषा अब लगभग गायब हो चुकी है।

यघान भाषा को लेकर हैरान करने वाली बत यह है कि इसे बोलने वाला एक ही शख्स जीवित है, जो एक महिला है। बता दें कि यघान भाषा को अर्जेंटीना और चिली के बीच बसे टिएरा डेल फ्यूगो नामक द्वीप पर रहने वाले आदिवासी बोला करते थे। इस भाषा को संस्कृत से मिलता-जुलता माना जाता है। हालांकि, अब इसे बोलने वाली एकमात्र बुजुर्ग महिला है।

इस भाषा को बोलने वाली इस महिला का नाम क्रिस्टिना काल्डेरॉन है। क्रिस्टिना को स्थानीय लोग अबुइला बुलाते हैं। अबुइला एक स्पेनिश शब्द है, जिसका अर्थ दादी मां होता है। क्रिस्टिना के परिवार के बाकी सदस्य स्पेनिश या अंग्रेजी जैसी भाषाएं बोलते हैं। हालांकि, परिवार के कई सदस्य भाषा समझते तो हैं, लेकिन बोल नहीं पाते हैं।

यघान भाषा के अस्तित्व को बरकरार रखने के लिए क्रिस्टिना को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। साल 2009 में चिली सरकार ने उन्हें Living Human Treasure की उपाधि दी। यह उपाधि उन लोगों को मिलती है, जिन्होंने कल्चर को सहेजने में बेहद बड़ी भूमिका निभाई हो।

बता दें कि यघान एक भाषा ही नहीं बल्कि एक बंजारा समुदाय का नाम था, जो दक्षिणी अमेरिका से होते हुए चिली और अर्जेंटिना तक पहुंच आए। पुर्तगालियों ने सबसे पहले साल 1520 में इस कबीले के बारे में पता लगाया था। आज के समय में क्रिस्टिना यघान भाषा को सरकारी मदद से जिंदा रखने की मुहिम चला रही हैं। क्रिस्टिना अर्जेंटिना के स्कूलों में छोटे बच्चों को ये भाषा सिखाने का काम करती हैं।
 



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