Thursday, May 13, 2021
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हिमाचल सरकार का नया आदेश हिमाचल प्रदेश में पर्यटन उद्योग की रीढ़ टूट गई है


शिमला में बड़ी संख्या में अब टूरिस्ट ने बुकिंग कैंसिल की है।  (फाइल फोटो)

शिमला में बड़ी संख्या में अब टूरिस्ट ने बुकिंग कैंसिल की है। (फाइल फोटो)

हिमाचल में पर्यटन: शुक्रवार से लागू नए आदेश के तहत, प्रदेश में अत्याचार सह विभाजित भार और मामलों वाले महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, राज्य और पंजाब से सड़क, हवाई जहाज या ट्रेन से आने वाले पर्यटकों को आने से पहले। 72 घंटे के अंदर आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट लाने की सलाह दी गई है।

शिमला। हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में पर्यटन उद्योग (पर्यटन उद्योग) का खासा योगदान है और लाखों लोगों की कमाई का जरिया भी तुरहीम ही है। पर्यटन का हिमाचल (हिमाचल प्रदेश) की जीडीपी में लगभग 8 प्रतिशत की भाग है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन का मानना ​​है कि कोरोना के नेतृत्व में लगातार दूसरे साल पर्यटन कारोबार डूबने की कगार पर है। एसोसिएशन का कहना है कि सरकार की ओर से 7 राज्यों से हिमाचल आने वाले पर्यटकों को कोविद नेगेटिव (कोरोना नकारात्मक रिपोर्ट) रिपोर्ट लाने की एडवाइजरी जारी होने के बाद से होटल और पर्यटन से संबंधित अन्य कारोबार ठप हो गया है।

पर्यटन व्यवसाय की हालत दयनीय

शिमला में होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहिंद्र सेठ ने बयान जारी करते हुए कहा कि बीते साल 8 महीने लॉकडाउन के चलते पर्यटन व्यवसायियों दयनीय हो चुका है। पिछले कुछ महीनों से पर्यटन व्यसाय धीरे-धीरे पटरी वापसी लगा था, लेकिन अब कोरोना की दूसरी लहर के कारण पर्यटन उद्योग की कमर टूट गई है। हिमाचल के होटलों की 65 फीसदी आमदनी 15 मार्च से लेकर 15 जुलाई के सीजन तक होती है। इस बार महारष्ट्र और गुजरात में काफी संख्या में टूरिस्ट आते हैं। दोनों राज्यों में अंतर बढ़ने और सरकार के फैसले के कारण खासा नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसके भरने में कई साल निकल जाएंगे।

सरकार से एडवायजरी बैक लेने की मांगो बिज़नेस अफसर बाहरी राज्यों से हिमाचल में सेवा प्रोवाइड करने आ रहे थे, वे भी अब बिना किसी नेगेटिव रिपोर्ट के नहीं आएँगे। इस पूरी स्थिति को देखते हुए हुई एसोसिएशन ने सरकार से इस एडवाइजरी को वापस लेने की मांग की है। इसके अलावा होटल और अन्य पर्यटन ईकिस से बिजली के बिलों पर लगने वाले डिमांड चार्जिज को ख़त्म कर पानी, कूड़े के बिल, बार लाइसेंस फीस और प्रॉपर्टी टैक्स के बिलों में रियायत देने की मांग सहित कई मांगे रखी गई हैं।

बड़ी संख्या में नौकरी जाने का आशंका

एसोसिएशन ने मांग की है कि पर्यटन कारोबार को डूबने से बचाने के लिए सरकार सभी मांगो को पूरा करे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो होटल कारोबारी रास्ते पर आ जाएंगे, बड़ी संख्या में कर्मचारियों की नौकरी जाने की संभावना है। मोहिंद्र सेठ ने कहा कि पूरी स्थिति को देखने के लिए सरकार एक विशेष आर्थिक पैकेज जारी करेगी।

एडायरी क्या है

शुक्रवार से लागू किए गए नए आदेश के तहत, प्रदेश में अत्याचारी को विभाजित भार और मामलों वाले महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और राजस्थान से सड़क, हवाई जहाज या ट्रेन से आने वाले पर्यटकों को आने से पहले 72 घंटे के अंदर आरटीपीसीआर की नेगेटिव रिपोर्ट लाने की सलाह दी गई है। हालांकि, बंगालियों के लिए छूट है। वह बिना रिपोर्ट के आ सकते हैं।






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