स्‍टडी में दावा: योग और मेडिटेशन से पुराने दर्द को कम करने में मिलती है मदद
Spread the love


अध्ययन में पाया गया कि ध्यान और योग से मरीजों के दर्द में कमी आई.

पुराने दर्द से राहत पाने के लिए मेडिटेशन (Meditation) और योग (Yoga) एक अच्‍छा विकल्प हो सकते हैं. मेडिटेशन और योग दोनों रोगी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य (Mental and Physical Health) को सुधारने में मदद कर सकते हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 6, 2020, 10:04 AM IST

एक हालिया अध्ययन (Study) के निष्कर्ष में सामने आया है कि पुराने दर्द और अवसाद के मरीजों (Depression Patients) को माइंडफुलनेस (Mindfulness) आधारित तनाव कम करने (एमबीएसआर) वाले अभ्‍यास से लाभ हुआ है. यह अध्ययन जर्नल ऑफ द अमेरिकन ओस्टियोपैथिक एसोसिएशन में प्रकाशित हुआ था. अध्ययन में बताया गया कि इस सर्वे में शामिल लोगों में 89% ने बताया कि कार्यक्रम ने उन्हें अपने दर्द से बेहतर तरीके से निपटने में मदद की, जबकि 11% तटस्थ रहे.

संयुक्त राज्य अमेरिका में अनुमानित 100 मिलियन लोगों को प्रभावित करने वाली एक सामान्य और गंभीर चिकित्सा स्थिति है, जो लगभग 635 बिलियन अमरीकी डॉलर की वार्षिक लागत के साथ संबंधित है. प्रतिभागियों को आठ सप्ताह की अवधि के दौरान माइंडफुलनेस मेडिटेशन (Meditation) और माइंडफुल हठ योग में गहन निर्देश प्राप्त हुआ. बेंटन और लिन काउंटी के सामुदायिक स्वास्थ्य क्लिनिक में एक अस्थि रोग विशेषज्ञ और स्नातक चिकित्सा शिक्षा के निदेशक, सिंथिया मार्सके कहते हैं, ‘ज्यादातर लोगों ने उम्मीद खो दी, क्योंकि ज्यादातर मामलों में पुराने दर्द पूरी तरह से कभी भी ठीक नहीं होते हैं.’

ये भी पढ़ें – कोरोना में क्‍यों की जाती है कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, जानिए क्‍या है ये

डॉ मार्सके बताते हैं ‘हालांकि माइंडफुल योग और मेडिटेशन शरीर की संरचना और कार्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं, जो चिकित्सा की प्रक्रिया का समर्थन करता है. चिकित्सा स्वाभाविक रूप से अलग है.’ वह आगे कहते हैं ‘इलाज का मतलब बीमारी को खत्म करना है, जबकि उपचार अधिक संपूर्ण बनाने के लिए संदर्भित करता है.’ अध्ययन में पाया गया कि ध्यान और योग ने रोगियों के दर्द, अवसाद और विकलांगता की धारणाओं में महत्वपूर्ण सुधार किया हैं.डॉ. मार्सके के अनुसार कुछ मरीज़ एक एंटीडिप्रेसेंट के उपयोग से एक समान गिरावट का अनुभव करते हैं. ‘माइंडफुलनेस-आधारित मेडिटेशन और योग दोनों रोगी के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद कर सकते हैं और अकेले या अन्य उपचारों जैसे कि चिकित्सा और दवा के साथ संयोजन में प्रभावी हो सकते हैं.’ पाठ्यक्रम के बाद रोगी स्वास्थ्य प्रश्नावली (PHQ-9) स्कोर, अवसाद का एक मानक माप, 27 अंकों के पैमाने पर 3.7 अंक गिरा.

ये भी पढ़ें – मास्क पहनने से पुरुषों को हो सकती हैं स्किन संबंधी समस्‍याएं

अध्ययन प्रतिभागियों को एमबीएसआर में निर्देश प्राप्त हुआ जिसमें लोगों को वर्तमान समय में स्वयं के बारे में जागरूकता और गैर-विवादास्पद तरीके से प्रशिक्षण देने के लिए एक व्यवस्थित शैक्षिक कार्यक्रम हैं. डॉ. मार्सके कहते हैं, ‘मरीज पुराने दर्द से निपटने के लिए नए तरीके खोज रहे हैं और इसके लिए प्रभावी गैर-फार्मास्युटिकल उपचार उपलब्ध हैं. हमारे निष्कर्ष बताते हैं कि मेडिटेशन और योग पुराने दर्द से राहत पाने वाले लोगों के लिए एक अच्‍छा विकल्प हो सकता है.’





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here