शेयर बाजार में क्यों आई जोरदार तेजी
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मुंबई. कोरोना वायरस वैक्सीन को लेकर आई बड़ी खबर के बाद भारतीय शेयर बाजार अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए है. BSE का 30 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 350 अंक उछलकर 44 हजार के पार पहुंच गया है. सेंसेक्स पहली बार 44 हजार के पार पहुंचा है. वहीं, NSE का 50 शेयरों वाला प्रमुख इंडेक्स निफ्टी 100 अंक उछलकर 12871 के स्तर पर पहुंच गया है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुरुआती 5 मिनट में ही निवेशकों ने 71 हजार करोड़ रुपये की कमाई की है. आने वाले दिनों में भी शेयर बाजार फिर से नए शिखर पर पहुंचता हुआ दिखा देगा.

शेयर बाजार में क्यों आई जोरदार तेजी-Moderna ने कहा है कि उसकी कोरोना वैक्सीन 94.5 फीसदी कामयाब रही है. इससे पहले फाइजर ने भी अपनी वैक्सीन को 90 फीसदी प्रभावी बताया था. वैक्सीन पर अच्छी खबर और राहत पैकेज से बाजारों में जोश दिख रहा है. अमेरिकी बाजारों में जबरदस्त तेजी जारी है. भारत की Biological E. ने भी ह्यूमन ट्रायल शुरू किया है. इस बीच ब्रेंट क्रूड में भी 3 फीसदी का उछाल देखने को मिल रहा है. अमेरिकी बाजारों मे तेजी का हाल ये है कि कल के कारोबार में Dow 471 अंक बढ़कर 29950 के स्तर पर बंद हुआ था. वहीं, Nasdaq 95 अंक बढ़कर 11924 रे स्तर पर बंद हुआ था.

अब क्या करें निवेशक- दिग्गज ब्रोकरेज फर्मों ने निफ्टी के टार्गेट को बढ़ा दिया है. गोल्डमैन सैक्स और नोमुरा का मानना है कि बाजार में तेजी जारी रहेगी, जिससे प्रमुख सूचकांक नए शिखर बना सकते हैं. गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि निफ्टी 50 इंडेक्स 11 फीसदी की तेजी के साथ 14,100 के स्तर तक पहुंच सकता है. नोमुरा ने इस इंडेक्स को 13,640 का स्तर दिया है, जो उसमें करीब 8 फीसदी तक की बढ़त दिखाता है.

गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय बाजार की रेटिंग भी बढ़ाई है. उसने कहा कि देश में इक्विटी निवेश बढ़ रहा है. ब्रोकरेज ने कहा, वैक्सीन जल्द आने की खबर से सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है. इससे इक्विटी में निवेश बढ़ रहा है. उम्मीद है कि अब पिछड़ने वाले शेयर रफ्तार पकड़ सकते हैं. यह रिकवरी बुनियादी वजहों पर आधारित है.गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि साल 2021 में रियल जीडीपी ग्रोथ 10 फीसदी और साल 2022 में 7.2 फीसदी रह सकती है. 2020 में जीडीपी में 9 फीसदी कमी आने का अनुमान है. इस साल कंपनियों का मुनाफा 11 फीसदी घटने का अनुमान है, जबकि साल 2021 और 2022 में 27 फीसदी बढ़ेगा.

गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि आर्थिक रिकवरी के दौरान चक्रीय (साइक्लिकल) सेक्टर्स का प्रदर्शन बेहतर होगा. दूसरी तरफ, नोमुरा का मानना है कि वैक्सीन की जल्द लॉन्चिंग इक्विटी बाजार के लिए शुभ समाचार है. इससे जोखिम क्षमता बढ़ी है, जिससे विदेशी निवेशक का प्रवाह बढ़ा है.

ब्रोकरेज का मानना है कि केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति में ढिलाई से भारतीय शेयरों को फायदा मिल सकता है. नोमुरा ने कहा, सामान्य वैल्यूएशन में सुधार के साथ-साथ पूंजी की लागत भी कम हुई है, जिससे ग्रोथ की उम्मीद बेहतर हो रही है.

नोमुरा ने आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, मैक्स फाइनेंशियल के अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद जताई है. उसने एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा और सन फार्मा को अपनी पहली पसंद बताया है.

एशियाई बाजारों में जोरदार तेजी- आज एशियाई बाजारों में भी तेजी देखने को मिल रही है.  जापान का बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई में तेजी जारी है. वहीं, सिंगापुर का स्ट्रेट टाइम्स 0.80 फीसदी की तेजी नजर आ रही है. हांगकांग का प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स हैंगसैंग भी मजबूती के साथ 26,434 के स्तर पर नजर आ रहा है.

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर बढ़ी उम्मीद- वैश्विक स्तर पर पूर्वानुमान लगाने वाली कंपनी ऑक्सफोर्ड इकानॉमिक्स (Oxford economics) की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है. रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति औसतन छह फीसदी से अधिक रहेगी और केंद्रीय बैंक दिसंबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में नीतिगत दरों को यथावत रखेगा.

रिपोर्ट कहती है, ‘‘उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर में कोविड-19 से पूर्व के उच्चस्तर पर पहुंच गई है. ईंधन को छोड़कर अन्य श्रेणियों में दाम बढ़े हैं. चौथी तिमाही में मुद्रास्फीति अपने अधिकतम स्तर पर होगी और 2021 में हमें इस पर अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत होगी.”

अंडों तथा सब्जियों के दाम चढ़ने से अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति करीब साढ़े छह साल के उच्चस्तर 7.61 प्रतिशत पर पहुंच गई है. यह रिजर्व बैंक के संतोषजनक स्तर से कहीं अधिक है. सितंबर, 2020 में खुदरा मुद्रास्फीति 7.27 प्रतिशत पर थी.





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