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आजमगढ़ में पुलिस टीम को ही बंधक बनाने का मामला सामने आया है.

Azamgarh News: ग्रामीणों ने पुलिस जीप से हिरासत में लिए गए दोनों युवकों को छुड़ा लिया और पुलिसकर्मियों के विरोध करने पर उनके साथ हाथापाई और अभद्रता भी की.

आजमगढ़. उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ (Azamgarh) जिले में 2 दिन पूर्व सरकारी जमीन पर सड़क के किनारे गोबर पाथने से मना करने और कब्जा हटाने गांव पहुंचे दरोगा और सिपाहियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया. इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिस के साथ गाली-गलौज के साथ बदसलूकी भी की. यही नहीं ग्रामीण पुलिस जीप से 2 आरोपियों को छुड़ा भी ले गए. मातहतों को बंधक बनाए जाने की सूचना से हलकान कोतवाल लाव-लश्कर के साथ मौके पर पहुंचे. करीब आधा घंटा बाद बंधक बनाए गए पुलिसवालों को मुक्त कराया गया.

ग्राम प्रधान की शिकायत पर पहुंची थी जांच करने
दरअसल, देवगांव कोतवाली क्षेत्र के कटौली गांव के ग्राम प्रधान ने थाने में एक शिकायती पत्र दिया था. पत्र में दलित बस्ती के कुछ युवकों पर सरकारी जमीन पर कब्जे की नीयत से सड़क के किनारे गोबर पाथने का आरोप लगाते हुए कब्जा हटाने की मांग की थी. शिकायत पर कोतवाली पुलिस दलित बस्ती पहुंची और 2 युवकों को हिरासत में ले लिया. इससे नाराज दलित बस्ती के लोगों ने पुलिस को घेर लिया और उन्हीं के वाहन में पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया.

हिरासत में लिए गए युवक भी छुड़ाएइतना ही नहीं ग्रामीणों ने पुलिस जीप से हिरासत में लिए गए दोनों युवकों को छुड़ा भी लिया और पुलिसकर्मियों के विरोध करने पर उनके साथ हाथापाई और अभद्रता भी की. इस दौरान खाकी पूरी तरह से असहाय दिखी. पूरी घटना का वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. इस संबंध में कोतवाल देवगांव संजय सिंह से संपर्क करने पर उन्होंने बताया की कई दिनों से लगातार शिकायत मिल रही थी कि गांव के कुछ लोग सड़क के किनारे सरकारी जमीन में गोबर पाथकर उस पर कब्जा कर रहे हैं. इससे आने जाने वालों को काफी परेशानी भी हो रही है. मना करने पर स्थिति तनावपूर्ण हो रही है.

15 के खिलाफ नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ FIR
संजय सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच करने के लिए मंगलवार को देवगांव थाने पर तैनात दरोगा को फोर्स के साथ मौके पर भेजा गया था. जांच में कुछ लोग खलल उत्पन्न करने का प्रयास किए तो पुलिसवाले उन्हे गाड़ी में बैठकर थाने ले जाने लगे. उसी दौरान ग्रामीणों ने पुलिस की जीप को रोक लिया.

इस मामले में दरोगा की तहरीर के आधार पर करीब 15 लोगों के खिलाफ नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है. उधर पुलिस के भय से ज्यादातर लोग फरार हो गए हैं. उधर पंचायत चुनावों की तैयारियों के बीच हुई इस घटना से क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गरमा गया है.





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