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मुख्यमंत्री योगी ने इस मामले में सख्‍त कार्रवाई के आदेश दिए हैं. (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath) ने बलिया (Ballia) में कोटा आवंटन की बैठक के दौरान हुई फायरिंग में एक युवक की मौत के बाद मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी और पुलिसकर्मियों निलंबित कर दिया है. जबकि सपा और कांग्रेस ने इस घटना को राज्‍य में कानून व्‍यवस्‍था की बदहाली करार दिया है.

बलिया. उत्‍तर प्रदेश के बलिया (Ballia) के रेवती थाना क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर बुलायी गयी बैठक के दौरान गोली चलने से एक व्यक्ति की मौत होने से हड़कंप मचा हुआ है. जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( CM Yogi Adityanath)ने घटना पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उपजिलाधिकारी और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को निलम्बित कर दिया है. वहीं, विपक्ष ने इस वारदात पर सरकार को घेरते हुए कहा कि सत्ताधारी लोग खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं और यह घटना प्रदेश में व्याप्त घोर अराजकता की एक और मिसाल है.

समाजवादी पार्टी ने भाजपा पर साधा निशाना
मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किये गये ट्वीट में कहा, ‘सत्ताधीश खुलेआम कानून व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं. बलिया में कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली खौफनाक वारदात सामने आई है जहां उपजिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी के सामने भाजपा नेता ने युवक जय प्रकाश पाल की गोली मारकर हत्या कर दी. पुलिस के सामने से गोली मारकर भाजपा नेता फरार भी हो गया.’

कांग्रेस ने बताया महा-जंगलराजजबकि इस मामले को लेकर कांग्रेस भी यूपी सरकार पर हमलावर है. कांग्रेस के प्रदेश मीडिया संयोजक ललन कुमार ने इस घटना पर सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भाजपा सरकार खून से लथपथ है. बलिया की घटना शर्मसार करने वाली है. अधिकारियों के सामने सरेआम हत्या की और वह भाग भी गया. मुख्यमंत्री कार्रवाई का दिखावा करते हैं. वह अपने मंत्रियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को कब सलाखों के पीछे भेजेंगे. साथ ही उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश के हालात देखकर ऐसा लगता है कि यहां महा-जंगलराज चल रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ छोटे अधिकारियों और कर्मचारियों पर तो कार्रवाई करते हैं, मगर वह वारदातों में लिप्त भाजपा नेताओं और वरिष्ठ अफसरों पर कब कार्रवाई करेंगे. अगर मुख्यमंत्री में थोड़ी सी भी शर्म बची है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. इसके अलावा आप आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत सिंह ने बलिया की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उपजिलाधिकारी और पुलिस क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में हत्या हो गयी और ये अफसर तमाशबीन बने रहे. उन्होंने कहा कि अधिकारियों के इस रवैये के चलते ये भी उस हत्याकांड में उतने ही दोषी हैं जितना हत्यारोपी भाजपा का नेता. इसलिए इन अधिकारियों पर भी हत्या का मामला दर्ज होना चाहिये. मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को कतई बख्शा न जाए.

हत्यारोपी भाजपा कार्यकर्ता
बलिया के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने बताया कि रेवती थाना क्षेत्र के दुर्जनपुर गांव में आज दोपहर सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर पंचायत भवन पर बैठक हो रही थी. उन्होंने बताया कि इस चयन के लिये दो स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लोग मौजूद थे. चयन के दौरान दोनों समूहों से जुड़े लोगों में कहासुनी हो गई. उन्होंने बताया कि इस बहस-मुबाहिसे के बाद बैठक में मौजूद उप जिलाधिकारी ने चयन स्थगित कर दिया. इसी बीच एक समूह के धीरेंद्र ने गोली चला दी, जिसमें जय प्रकाश उर्फ गामा पाल (46) की मौत हो गई. जबकिघटना के बाद वहां भगदड़ मच गयी. यही नहीं,

हत्यारोपी धीरेंद्र भाजपा का पदाधिकारी है. बैरिया क्षेत्र से पार्टी के विधायक सुरेन्द्र सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि धीरेन्द्र भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ का जिलाध्यक्ष है. सिंह ने घटना को ‘कैजुअल्टी’ करार देते हुए कहा कि ऐसी वारदात कहीं भी हो सकती है. उन्होंने बताया कि घटना में दोनों तरफ से पथराव हुआ था और मामले में कानून अपना काम करेगा. जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस वारदात को गम्भीरता से लेते हुए सम्बन्धित उपजिलाधिकारी सुरेश चंद्र पाल, पुलिस क्षेत्राधिकारी चंद्रकेश सिंह और मौके पर मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को निलम्बित करने और घटना के दोषियों के खिलाफ ‘कठोरतम’ कार्रवाई के आदेश दिये हैं.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में जय प्रकाश के भाई चंद्रमा की शिकायत पर चार नामजद और 15 से 20 अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की सुसंगत धारा में मामला दर्ज किया गया है. साथ ही कहा कि मौके पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है और मौके पर शांति है. (भाषा इनपुट)





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