भारत में हर साल करीब 1.2 करोड़ शादियां होती हैं
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार (Delhi Government) शादी-समारोह में मेहमानों की संख्या को सीमित करने जा रही है. इसके लिए उसने केन्द्र सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल से अनुमति मांगी है. दिल्ली के इस कदम को देखते हुए एनसीआर में भी हलचल शुरु हो गई है. यूपी के नोएडा (Noida) और गाज़ियाबाद (Ghaziabad) में कल तक 100 मेहमानों के शामिल होने की अनुमति थी. लेकिन अब उसे घटनाकर 50 कर दिया गया है. साथ ही यह भी तय कर दिया गया है कि शादी-समारोह में 50 मेहमानों के अलावा और कौन-कौन शामिल हो सकता है और कितनी संख्या में. खास बात यह है कि यह आंकड़ा दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में लागू होगा.

आपको बता दें कि  वेडिंग प्लानर के मुताबिक, सबसे ज्यादा बुकिंग 25 नवंबर के लिए आ रही है. इस दिन तुलसी विवाह है. सबसे ज्यादा लोग इसी दिन शादी करना चाह रहे हैं. वे कहती हैं मुझे आश्चर्य लगा कि कुछ लोग इस दिन शादी करने के लिए ज्यादा पैसे भी खर्च करने को तैयार हैं. लेकिन दिल्ली में इस दिन एक भी वेडिंग वेन्यू खाली नहीं है. 25 नवंबर के बाद लोग 30 नवंबर और फिर 11 और 12 दिसंबर को शादी करना चाहते हैं. इस चार डेट्स पर वेडिंग वेन्यू लगभग पूरा बुक हो चुका है.

एक शादी में इतने लोग हो सकेंगे शामिल

एक शादी में लड़का और लड़की दोनों पक्षों को मिलाकर कुल 50 लोगों की अनुमति होगी. मतलब 25 लड़का पक्ष से और 25 लड़की पक्ष से. इसके साथ ही 2 पंडित या काज़ी आ सकते हैं. 2 डीजे स्टाफ के लोग. 2 डेकोरेशन, 5 होटल स्टाफ से और 8 लोग केटर्स स्टाफ से एक शादी में शामिल हो सकते हैं. क्या बारात में आने वाले बैंडबाजे और घोड़ी के साथ आया व्यक्ति भी वर पक्ष के खाते में जाएगा, यह सवाल अधिकारियों से बहुत पूछा जा रहा है. इस बारे में प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि इन लोगों को वर पक्ष के खाते में नहीं जोड़ा जाएगा.ये भी पढ़ें- एक दिन का लॉकडाउन लगने पर दिल्ली को होता है इतने करोड़ का नुकसान, लाखों कारोबारियों पर होगा असर

शादी में शामिल होगा कोरोना कर्मी

जहां भी कोई शादी-समारोह होगा तो उससे पहले अनुमति लेनी होगी. इसके साथ ही समारोह स्थल का पता और उसका टाइम भी दर्ज कराना होगा. पता इसलिए पूछा जा रहा है कि जब कार्यक्रम शुरु होगा तो प्रशासन की तरफ से एक कोविड कर्मी उस शादी में मौजूद रहेगा. यह कोविड कर्मी पूरे समारोह पर निगाह रखेगा और जैसे ही समारोह में संख्या 50 से ऊपर हुई तो आयोजक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

फरवरी में शादी के लिए गोवा और उदयपुर डिमांड में-डोमेस्टिक डेस्टिनेशन जैसे कि गोवा, जयपुर और उदयपुर के लिए डिमांड है. लेकिन यह बुकिंग की डिमांड नवंबर-दिसंबर की बजाय अगले साल शादी करने वालों की है. साल 2021 के जनवरी और फरवरी माह में शादी करने वाले उदयपुर और गोवा की बुकिंग कर रहे हैं. ऐसा माना जा रहा है कि यहां कस्टमर अपनी व्हीकल से भी पहुंच सकते हैं. भारत मैट्रिमोनियल और शादी.कॉम के मुताबिक इस साल 90% घरेलू डेस्टिनेशन वेडिंग में कमी आएगी.

50 गेस्ट के नियम ने कम किया शादी का बजट-वेडिंग के जानकारों की मानें तो शादी के मामले में लोग ज्यादातर बजट को लेकर नहीं सोचते हैं. खासकर भारतीय शादियों में बहुत खर्च किया जाता है. एक साधारण शादी में भी 1000-1200 गेस्ट रहते हैं. हालांकि, सोशल डिस्टेंसिंग के नियम और विभिन्न राज्यों में सरकारी दिशानिर्देशों के अनुरूप, 50 से 100 लोगों के बीच एक सीमित गेस्ट आ सकते हैं. इसके चलते शादियों का बजट अपने आप छोटा हो गया है. पहले जहां एक शादी पर औसतन 5 लाख तक खर्च होता था वहीं अब वह 3 लाख पर सिमट गई है.
बढ़ रहा है वेडिंग फ्रॉम होम का ट्रेंड-भारत में हर साल करीब 1.2 करोड़ शादियां होती हैं. कई लोग लॉकडाउन में भी शादी कर रहे हैं. इन बुकिंग के दौरान कंपनियां स्पेशल ऑफर भी कस्टमर को दे रही है. हम इसमें कैटरिंग, फोटोग्राफी सर्विस के साथ ही शादी की रस्मों जैसे कि हल्दी, मेहंदी और संगीत घर पर ही आयोजन कर रहे हैं. साथ ही लोगों ने शादियों में सेफ्टी को टॉप प्रायोरिटी पर रखा है.

दुनिया का सबसे बड़ा वेडिंग मार्केट है भारत 

अमेरिका के बाद भारत को दुनिया का दूसरा सबसे महंगा और बड़ा वेडिंग मार्केट माना जाता है. केपीएमजी की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन वेडिंग इंडस्ट्री की साइज 40-50 बिलियन डॉलर के आसपास है. वहीं, अमेरिका का वेडिंग मार्केट 70 बिलियन डॉलर का है.

भारत में एक शादी पर औसतन 5 लाख से लेकर 5 करोड़ रुपए तक का खर्च आता है. भारत में सिर्फ डेस्टिनेशन वेडिंग का सलाना कारोबार 45,000 करोड़ रुपए के आसपास का है.

भारतीय शादियों में प्री-वेडिंग शूट का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है. भारत में एक प्री-वेडिंग शूट के साथ वेडिंग फोटोग्राफी पर औसतन 15,000 से लेकर 1 लाख तक का खर्च आता है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि  शादी का फैशन इंडस्ट्री से भी सीधा नाता है.

भारतीय शादियों में ज्यादा खर्च करने पर यकीन रखते हैं. यही वजह है कि भारत में वेडिंग फैशन लग्जरी का 1 बिलियन डॉलर का मार्केट है.





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