लद्दाख में चीन की घुसपैठ की खबरों के बीच सरकार ने राज्यसभा में कहा- भारत-चीन सीमा पर पिछले 6 महीने में कोई घुसपैठ नहीं हुई
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नई दिल्ली5 मिनट पहले

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राज्यसभा में सांसद अनिल अग्रवाल ने घुसपैठ के मुद्दे पर सवाल किया था। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इसका लिखित जवाब दिया।

  • गृह राज्य मंत्री ने ये भी बताया कि 6 महीने में पाकिस्तान बॉर्डर से 47 बार घुसपैठ की कोशिश की गई
  • रक्षा मंत्री ने एक दिन पहले लोकसभा में कहा था- चीन ने एलएसी पर सैनिक और गोला-बारूद जमा किए, लेकिन हम भी तैयार

लद्दाख में चीन की घुसपैठ की कोशिशों की खबरें पिछले कई महीनों से आ रही हैं, लेकिन सरकार ने बुधवार को संसद में कहा कि भारत-चीन सीमा पर पिछले 6 महीने में कोई घुसपैठ नहीं हुई। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। साथ ही कहा कि इस दौरान पाकिस्तान सीमा से 47 बार घुसपैठ की कोशिश की गई। मार्च में 4 बार, अप्रैल में 24 बार, मई में 8 बार और जुलाई में 11 बार ऐसा हुआ था। सांसद अनिल अग्रवाल इस बारे में सवाल किया था।

रक्षा मंत्री ने कहा था- चीन ने एलएसी पर गोला-बारूद जमा किया, हम भी तैयार
इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर चल रहे तनाव के बारे में मंगलवार को लोकसभा में जानकारी दी। उन्होंने कहा था, “अभी की स्थिति के मुताबिक, चीन ने एलएसी और अरुणाचल से लगे अंदरुनी इलाकों में बड़ी संख्या में सैनिक और गोला-बारूद जमा कर रखे हैं। पूर्वी लद्दाख के गोगरा, कोंगका ला, पैंगॉन्ग सो झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर तनाव वाले कई इलाके हैं। इन इलाकों में हमारी सेना भी जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तैयारी के साथ तैनात है।”

हालांकि, विपक्ष सीमा विवाद के मुद्दे पर बहस की मांग कर रहा है। कांग्रेस ने बोलने का मौका नहीं दिए जाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को लोकसभा से वॉकआउट भी किया था। चीन की घुसपैठ के मुद्दे पर राज्यसभा में चर्चा के लिए कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने शॉर्ट ड्यूरेशन नोटिस भी दिया है।

गृह मंत्रालय ने कहा- अफवाहों की वजह से प्रवासियों में भगदड़ मची थी
मानसून सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा था कि लॉकडाउन में घर लौटते वक्त हादसों में कितने प्रवासी मजदूर मारे गए, इसका कोई आंकड़ा नहीं है। प्रवासियों से ही जुड़े एक दूसरे सवाल के जवाब में मंगलवार को कहा कि मार्च में लॉकडाउन के वक्त फेक न्यूज के चलते बड़ी संख्या में प्रवासियों का मूवमेंट हुआ था।

तृणमूल कांग्रेस की सांसद माला रॉय ने लोकसभा में लिखित में सवाल पूछा था कि 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा से पहले सरकार ने प्रवासियों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए और हजारों मजदूर घरों को लौटने को मजबूर क्यों हुए? इस पर गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब दिया कि फेक न्यूज के चलते लोगों के मन में खाने-पाने की चीजों की सप्लाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं को लेकर चिंता थी, इसलिए भगदड़ मची थी।

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