रोजाना मीठे ड्रिंक्स पीने से महिलाओं में बढ़ सकता है स्ट्रोक का खतरा, जानें कैसे
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अमेरिका के नए शोध में पाया गया है कि प्रतिदिन एक या एक से अधिक शुगरी डिंक्स (बहुत अधिक चीनी वाले पेय पदार्थ) का सेवन महिलाओं (Women) में हृदय रोग का खतरा बढ़ा सकता है. यह शोध कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय सैन डिएगो में किया गया है. यह अध्ययन 52 साल की औसत उम्र वाली 1,06,000 से अधिक महिलाओं पर किया गया. ये सभी महिलाएं अध्ययन में शामिल होते समय हृदय रोग, स्ट्रोक (Stroke) और मधुमेह (Diabetes) जैसी बीमारियों से मुक्त थीं. myUpchar का भी कहना है कि अधिक चीनी का सेवन मधुमेह, हृदय संबंधी समस्याओं, मोटापे और मेटाबॉलिज्म संबंधी विकार के जोखिम को बढ़ा देता है. अमेरिकन जर्नल ऑफ कार्डियोलॉजी में एक रिपोर्ट के मुताबिक, नमक से कहीं अधिक नुकसान अधिक मात्रा में चीनी या सफेद शक्कर के सेवन से होता है.

अध्ययन यह बताने के लिए कहा गया कि महिलाओं ने प्रत्येक दिन कितने मीठे पेय पदार्थों का सेवन किया. अध्ययन में कैलोरीयुक्त सॉफ्ट डिंक्स, मीठे बोतलबंद पानी या चाय और चीनी वाले फ्रूट ड्रिंक्स शामिल थे. शोधकर्ताओं ने यह पता करने के लिए अस्पताल के रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया कि अध्ययन के दौरान दिल का दौरा, स्ट्रोक का अनुभव किसने किया.

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के जर्नल में प्रकाशित किए गए निष्कर्षों से पता चला है कि जिन प्रतिभागियों ने सबसे अधिक मीठे पेय पदार्थों का सेवन किया था, वे युवा थे. यही नहीं धूम्रपान करने वाले और मोटे भी थे. साथ ही उनमें हेल्दी फूड्स खाने की आदत कम ही थी.शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि प्रतिदिन एक या एक से अधिक मीठे पेय पदार्थ पीने से हृदय रोग होने का लगभग 20 प्रतिशत अधिक जोखिम, स्ट्रोक होने का 21 प्रतिशत अधिक जोखिम होता है. ऐसे 26 प्रतिशत मरिजों का इलाज एंजियोप्लास्टी से करना पड़ सकता है. यह उन महिलाओं की तुलना में था जो कम या शायद ही कभी मीठे पेय पदार्थ का सेवन करती हैं.

मीठे पेय पदार्थ के प्रकार का भी हृदय पर असर पड़ा. प्रतिदिन एक या एक से अधिक चीनी मिला हुआ फ्रूट ड्रिंक पीने से हृदय रोग होने का 42 प्रतिशत अधिक खतरा होता है और सॉफ्ट ड्रिंक्स जैसे हर दिन सोडा पीने से उन लोगों की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक जोखिम जुड़ा हुआ था, जो बहुत कम या बिल्कुल भी मीठे पेय पदार्थ नहीं पीते हैं.

शोधकर्ताओं ने कहा, ‘हम अनुमान लगाते हैं कि चीनी कई तरह से हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा सकती है. यह रक्त में ग्लूकोज के स्तर और इंसुलिन को बढ़ाता है, जिससे भूख बढ़ सकती है और मोटापा बढ़ सकता है जो कि हृदय रोग के लिए प्रमुख जोखिम कारकों में से एक है.’

इसके अलावा, रक्त में बहुत अधिक चीनी ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और सूजन, इंसुलिन प्रतिरोध, कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल और टाइप 2 डायबिटीज से जुड़ी होती है. यही वे स्थितियां हैं जो एथेरोस्क्लेरोसिस के विकास से जुड़ी होती हैं. यह धमनियों की संकीर्णता है जो अधिकांश हृदय रोग पैदा करती है.

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन ज्यादातर महिलाओं के लिए एक दिन में 100 से अधिक कैलोरी (6 चम्मच चीनी या 25 ग्राम) में चीनी को सीमित करने की सिफारिश करता है और अधिकांश पुरुषों के लिए एक दिन में 150 कैलोरी (9 चम्मच या 38 ग्राम) से अधिक कैलोरी नहीं होनी चाहिए. एक सामान्य 12-औंस रेग्यूलर सोडा में 130 कैलोरी और 8 चम्मच (34 ग्राम) चीनी होती है. शोधकर्ताओं ने कहा कि नियमित रूप से पीने के लिए पानी सबसे स्वास्थ्यवर्धक पेय है और इसमें कोई चीनी नहीं, कोई कृत्रिम मिठास नहीं है और न ही कैलोरी है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, शुगर क्या है, इसके प्रकार, लक्षण, कारण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.





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