योग आसन आलस दूर करके चुस्त और एक्टिव रहने में मदद करते हैं.


आज के लाइव योगा सेशन (Live Yoga Session) में हमने शरीर को मजबूत बनाने वाले कई योगासन (Yoga Posture) सीखे. आज चेयर पोज, इंजन दौड़, नौका आसन और चक्रासन आदि कई महत्‍वपूर्ण आसन का अभ्‍यास भी किया. नियमित रूप से योग करने से शरीर में एनर्जी (Body Energy) का संचार तो होता ही है साथ ही कई प्रकार की बीमारियों से भी छुटकारा मिलता है. वहीं योग करने से आलस भी दूर होता है. इसके अलावा बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में भी ये मददगार होते हैं और उम्र बढ़ने के साथ होने वाली शारीरिक दिक्‍कतों को भी दूर करते हैं. साथ ही योग करने से व्यक्तित्व में भी निखार आता है.

इन व्यायाम को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है. साथ ही यह भी जरूरी है कि योग शरीर की क्षमतानुसार किया जाए. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. शुरुआत में इन अभ्‍यासों को पांच बार करें और बाद में अपने शरीर की क्षमता के अनुसार इसे बढ़ा सकते हैं. तो आइए स्‍वस्‍थ रहने की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए योग करें.
चेयर पोज: योग विज्ञान में उत्कटासन (Utkatasana) को कुर्सी आसन (Chair Pose) के नाम से भी जाना जाता है. इसे करने के लिए योग मैट पर अपने दोनों पैरों को फैलाकर खड़े हो जाएं. अब अपने दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाएं. ध्‍यान रखें कि आपके हाथ सीधे रहें और कुहनियां मुड़ने न पाएं. अब दोनों घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ें. जैसे आप किसी काल्पनिक कुर्सी पर बैठे हुए हों. इस दौरान आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए. अब लंबी सांसें लें. इस स्थिति में करीब एक मिनट तक बने रहें.

इंजन दौड़: इंजन दौड़ योग-स्टीम इंजन की तरह होती है. जैसे स्टीम इंजन चलते हुए छुक छुक की आवाज करता है, उसी तरह इस क्रिया को करते हुए सांस की आवाज निकलती है. इसमें, हाथों और पैरों को वैलेट की तरह चलाना पड़ता है. अब बात करते हैं इस क्रिया के लाभ की. इंजन क्रिया से फेफड़ों का विकास होता है. फेफड़ों में ताज़ा हवा जाती है. इसके अलावा, नाड़ियों का भी अत्यंत तेजी से विकास होता है. इस क्रिया को नियमित रूप से करने से चेहरा कांतिमान हो जाता है. इंजन क्रिया मोटापा दूर करने के लिए अच्छा योग माना जाता है. इसे करने से पेट, कमर, जांघों आदि की चर्बी कम होने लगती है. यह क्रिया दौड़ का अभ्यास करने वाले लोगों को काफी फायदा पहुंचाती है.

इसे भी पढ़ें – सर्वांग पुष्टि आसन से शरीर रहेगा निरोग

नौकासन: इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ लें और अपने दोनों हाथों को भी शरीर के साथ लगा लें. इसके बाद एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को पैरों कि ओर खींचते हुए अपने पैरों के साथ अपनी छाती को उठाएं. अब एक लंबी और गहरी सांसे लेते हुए आसन को बनाए रखें और फिर सांस छोड़ते हुए विश्राम करें.

चक्रासन: इस आसन को करते समय हथेलियों को नीचे स्पर्श करते समय जल्दबाजी न करें. चक्रासन करने के कई लाभ होते हैं. इस आसन के अभ्यास से पेट की गड़बड़ियां दूर होती हैं. साथ ही कमर पतली और लचकदार बनती है. इस आसन से बांहों की मांसपेशियां मजबूत बनती हैं. टांगें, घुटने चुस्त होते हैं. जांघें और पिण्डलियां भी मजबूत बनती हैं. इसके अलावा इसे करने से बांहों का ऊपरी भाग भी सशक्त होता है. पेट की चर्बी कम होती है.

त्रिकोणासन: त्रिकोणासन के अभ्यास में शरीर के कई अंग शामिल होते हैं जिससे उन्हें अच्छे से स्ट्रेच किया जा सकता है. हिप्स, कमर, बाजू, कंधे, हैम्स्ट्रिंग, काव्स, पैर और फोरआर्म्स की मसल्स इस आसन के अभ्यास के दौरान काम करती हैं. यह योग मुद्रा आपके बॉडी पोस्चर को बेहतर करने में मदद करता है. यह आसन मांसपेशियों को फैलाने और नियमित शारीरिक फंक्शन में सुधार करने के लिए जाना जाता है.

इसे भी पढ़ें- कंधे को मजबूत बनाएंगे ये योगासन, पीठ और कमर दर्द भी होगा दूर

त्रिकोणासन के फायदे
-पैरों, घुटनों, एड़ी यानी एंकल्स, बाजुओं और सीने को मजबूत करने में मदद करता है.
-इस आसन की मदद से कूल्हों, हैमस्ट्रिंग, काव्स, कंधों, सीने और रीढ़ को स्ट्रेच करता है और इन्हें खोलता है.
-मानसिक और शारीरिक संतुलन को बढ़ाता है.
-पाचन में सुधार करने में मदद करता है.
-चिंता, तनाव, पीठ दर्द को कम करता है.
-अगर इसका अभ्यास सही तरीके से किया जाए तो यह कंधों के अलाइनमेंट को सही रखता है और इन्हें बेहतर शेप में लाने में मदद करता है.
-नियमित रूप से त्रिकोणासन का अभ्यास गर्दन के दर्द से आराम दिलाने में मदद कर सकता है.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here