भारत के पहले फेलुदा पेपर-स्ट्रिप कोविड-19 टेस्ट को मंजूरी, जानें इसके बारे में सबकुछ
Spread the love


फोटो साभारः AP

Feluda Paper Strip Test for Covid-19: सीएसआईआर का कहना है, फेलुदा टेस्ट नोवल कोरोना वायरस की पहचान करने में 96% सेंसिटिव और 98% स्पेसिफिक रहा है. इस कोविड टेस्ट किट को आईजीआईबी के वैज्ञानिक डॉ. देबज्योति चक्रबर्ती और सौविक मैत्री द्वारा विकसित किया गया है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 22, 2020, 5:55 AM IST

नई दिल्ली. भारत में कोरोना वैक्सीन (Corona vaccine) का ट्रायल जारी है. इन सबके बीच ड्रग रेगुलेटर ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Controller General of India) ने कोविड-19 टेस्ट (Covid-19 Test) की सटीक रिपोर्ट के लिए सस्ते पेपर बेस्ड टेस्ट स्ट्रिप को मंजूरी दी है. इस स्ट्रिप के जरिए कोविड-19 टेस्ट की रिपोर्ट सिर्फ 30 मिनट में मिल सकेगी. इसे टाटा ग्रुप की रिसर्च टीम और काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) द्वारा डेवलप किया गया है. कोरोना टेस्ट का सटीक पता लगाने वाले इस स्ट्रिप पेपर का नाम फेलुदा (Feluda Paper Strip Test for Covid-19) के रखा गया है. आइए जानते हैं फेलुदा पेपर-स्ट्रिप से जुड़ी हर वो जानकारी जिसको हर किसी आम इंसान के लिए जानना बहुत ज्यादा जरूरी है.

आखिर क्या है फेलुदा कोविड-19 टेस्ट?
फेलुदा FNCAS9 Editor Linked Uniform Detection Assay का शॉर्टफॉर्म है. भारतीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार, फेलुदा दुनिया का पहला डायग्नोस्टिक टेस्ट है जो वायरस को पहचानने के लिए Cas9 प्रोटीन का इस्तेमाल करता है. यह स्वदेशी सीआरआईएसपीआई जीन-एडिटिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है. आरआरटी-पीसीआर परीक्षण की तुलना में इस टेस्ट की प्रक्रिया में कम समय लगता है. इसमें इस्तेमाल होने वाला डिवाइस बेहद सस्ता है. सीएसआईआर का कहना है, फेलुदा टेस्ट नोवल कोरोना वायरस की पहचान करने में 96% सेंसिटिव और 98% स्पेसिफिक रहा है. इस कोविड टेस्ट किट को आईजीआईबी के वैज्ञानिक डॉ. देबज्योति चक्रबर्ती और सौविक मैत्री द्वारा विकसित किया गया है.

फेलुदा कोविड-19 टेस्ट किस कैसे काम करता है?कोविड-19 टेस्ट के लिए विकसित की गई फेलुदा टेस्ट प्रेग्नेंसी स्ट्रिप टेस्ट की तरह होती है. इस स्ट्रिप का इस्तेमाल पैथ लैब में भी आसानी से किया जा सकता है. इसको तैयार करने वाले डॉ. देबोज्योति चक्रबर्ती के मुताबिक Cas9 प्रोटीन को बारकोड किया गया है ताकि वह मरीज के जेनेटिक मटेरियल में कोरोना वायरस सिकवेंस का पता लगा सकें. चक्रबर्ती के मुताबिक, बाद में Cas9-SARS-CoV2 कॉम्प्लेक्स को पेपर स्ट्रिप पर डाला जाता है. इस स्ट्रिप पर दो लाइने हैं जो कोविड-19 है या नहीं ये बताती हैं. अगर मरीज को कोविड पॉजिटिव होगा तो कलर बदल जाएगा.


फेलुदा टेस्ट, आरआरटी-पीसीआर टेस्ट से कैसे अलग है?
फेलुदा-सीआरआईएसपीआर टेस्ट, आरआरटी-पीसीआर टेस्ट के मुकाबले काफी कम समय में होता है. फेलुदा टेस्ट को वास्तविक समय रिवर्स प्रतिलेखन पोलीमरेज़ श्रृंखला रिपोर्ट जानने के लिए किसी तरह की मशीनरी की आवश्यकता नहीं होती है. डॉ. चक्रबर्ती के अनुसार इस टेस्ट को करने के लिए ज्यादा लोगों की टीम की जरूरत नहीं है. टाटा सीआरआईएसपीआर जांच की सटीकता का स्तर पारंपरिक आरटी-पीसीआर जांच जितना ही है, लेकिन यह कम समय, कम लागत में परिणाम देती है और इसका इस्तेमाल भी आसान है.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here