जड़ी बूटी के रूप में ब्राह्मी के फूल का इस्तेमाल किया जाता है. फोटो साभार/वीकिपीडिया


ब्राह्मी (Brahmi) का उपयोग हजार वर्षों से आयुर्वेद (Ayurved) में किया जा रहा है. जड़ी बूटी के रूप में सबसे ज्यादा ब्राह्मी के फूल (Brahmi Flowers) का इस्तेमाल किया जाता है. यह मस्तिष्क के लिए बेहद उपयोगी है, इसलिए इसे ब्रेन बूस्टर भी कहा जाता है, लेकिन ब्राह्मी में कई और भी महत्वपूर्ण गुण होते हैं, जिनसे शरीर की अनेक समस्याओं का इलाज संभव है. आइए जानते है इन गुणों के बारे में-

खून के प्रवाह को बढ़ाने में मददगार

ब्राह्मी में नाइट्रिक ऑक्साइड पाया जाता है, जिससे बीपी का खतरा कम होता है. ब्राह्मी खून को पतला करने में भी मदद करता है, जिससे नसों में रक्त का प्रवाह आसानी से हो सकता है.तनाव कम करने में सहायक

myUpchar के अनुसार ब्राह्मी जड़ी-बूटी में एंटी-ऑक्सीडेंट गुण होते हैं. यह तनाव कम करने में सहायक है. इसे एक एडाप्टोजेन जड़ी-बूटी माना जाता है.

कैंसर के लिए ब्राह्मी के गुण

ब्राह्मी जड़ी-बूटी कैंसर को रोकने का भी कार्य करती है. इसमें कैंसर प्रतिरोधी गुण होने के कारण यह मस्तिष्क के ट्यूमर की कोशिकाओं को मारने के साथ साथ स्तन कैंसर और कोलन कैंसर की हानिकारक कोशिकाओं के विकास को रोकने में मदद करती है, इसलिए यदि कैंसर की शुरुआती स्टेज पर हों, तो ब्राह्मी का नियमित सेवन करना चाहिए.

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अल्जाइमर मे होता है फायदा

myUpchar के अनुसार, अल्जाइमर मस्तिष्क संबंधी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति की याददाश्त कमजोर हो जाती है. ऐसे में ब्राह्मी का सेवन काफी फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटी कॉन्वेलसेंट गुण होते हैं. ये गुण मस्तिष्क की कार्यक्षमता में सुधार करते हैं साथ ही मिर्गी, अनिद्रा और चिंता को दूर करने में कारगर हो सकते हैं.

टाइप 2 डायबिटीज मरीजों को होता है अधिक फायदा

ब्राह्मी में एंटीडायबिटिक गुण होते हैं. इसके नियमित सेवन से शुगर को नियंत्रित किया जा सकता है. इसके अलावा ब्राह्मी में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण भी पाया जाता है, जिससे टाइप-2 डायबिटीज में ब्राह्मी के सकारात्मक प्रभाव देखने को मिले हैं.

मिर्गी के लिए ब्राह्मी के उपचार

आयुर्वेद के अनुसार ब्राह्मी की मदद से शरीर के सभी नसों को मजबूत व सभी विकारों को दूर किया जा सकता है. बात करें मिर्गी की, तो इसके लिए एक आयुर्वेदिक दवा मेंटट का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें ब्राह्मी भी उपयोग की जाती है. मेंटट में एंटीपीलेप्टिक गुण होते हैं, जिससे मिर्गी की समस्या ठीक हो जाती है.

ब्राह्मी का तेल दर्द में उपयोगी

ब्राह्मी के तेल का उपयोग दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है. इसमें पाया जाने वाला एंटी नोसिसेप्टिव गुण इसे दर्द निवारक दवा बनाता है. शरीर में जोड़ों और मांसपेशियों से संबंधित सभी दर्द में इस औषधि तेल का इस्तेमाल काफी फायदेमंद होता है.

श्वास संबंधित समस्याओं में गुणकारी

जिन्हें अस्थमा या ब्रोंकाइटिस जैसी श्वास संबंधित बीमारियां हैं, उनके लिए ब्राह्मी का अर्क या जूस बेहद लाभकारी होता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और एडेप्टोजेनिक गुण होने के कारण फेफड़े मजबूत होते हैं. इससे श्वास नली की जलन और सूजन की समस्या भी दूर होती है.

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छोटे बच्चों का जरूर दें

छोटी उम्र में बच्चों का दिमाग विकसित होता रहता है. इस दौरान यदि बच्चों को ब्राह्मी की खुराक दी जाए, तो बच्चों के ऊपर भी इसका काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और बच्चे का दिमाग काफी तेजी से विकसित हो सकता है.

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