अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी क्वारंटीन में गए. (फोटो -AP)

Mike Pompeo quarantines: अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने के चलते क्वारंटीन में चले गए हैं. कोरोना एक्सपर्ट डॉक्टर एंथनी फॉसी ने बुधवार को ही कहा था कि ट्रंप-बाइडन समेत सभी महत्वपूर्ण लोगों को वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 17, 2020, 7:41 AM IST

वाशिंगटन. अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ एंथनी फॉसी (Anthony Fauci) ने बुधवार को चेतावनी दी थी कि देश में कोरोना के हालत फिर से बिगड़ रहे हैं ऐसे में प्रेजिडेंट इलेक्ट जो बाइडन (President-elect Joe Biden), वाइस-प्रेजिडेंट इलेक्ट कमला हैरिस और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को भी जल्द वैक्सीन लगवा लेनी चाहिए. इस चेतावनी के 24 घंटे के भीतर ही अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ (Mike pompeo) भी कोरोना वायरस से संक्रमित एक व्यक्ति के संपर्क में आने के चलते क्वारंटीन में चले गए हैं.

मंत्रालय की ओर से कहा गया कि पोम्पिओ की जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन उन्हें चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया है. मंत्रालय ने उस संक्रमित व्यक्ति की पहचान का खुलासा नहीं किया है जिसके संपर्क में पोम्पिओ आए थे. मंत्रालय ने कहा, ‘विदेश मंत्री पोम्पिओ कोविड संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे. उनकी जांच में संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई. सीडीसी के दिशा निर्देशों के अनुसार वह पृथक-वास में रहेंगे.’ पोम्पियो ने करीब 900 मेहमानों को क्रिसमस पार्टी के लिए भी न्योता भेजा हुआ था. हालांकि इन परिस्थितियों में ये जश्न या तो रद्द हो सकता है या फिर बेहद कम लोग सोशल डिस्टेंसिंग के साथ इसमें शामिल होंगे.

ट्रंप कोरोना वायरस का टीका लगवाने के लिए तैयार
उधर व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना वायरस का टीका लगवाने के लिए तैयार हैं, लेकिन उनकी प्राथमिकता अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मियों और सबसे ज्यादा जोखिम वाले लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करना है. अमेरिका ने अग्रणी दवा कंपनी फाइजर और जर्मनी की उसकी सहयोगी कंपनी बायोएनटेक के टीका के आपात स्थिति में इस्तेमाल को अनुमति दे दी थी. सबसे पहले न्यूयॉर्क में एक नर्स को टीके की खुराक दी गयी.व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव केलिग मैकएनैनी ने मंगलवार को कहा, ‘राष्ट्रपति ने कहा है कि वह टीके की खुराक लेने के लिए तैयार हैं. निजी बातचीत में इस बारे में वह अपनी इच्छा जता चुके हैं और सार्वजनिक तौर पर भी यह बात जगजाहिर है. लेकिन अभी भी वह कोविड-19 से उबर नहीं पाए हैं.’ उनसे यह पूछा गया था कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप लोगों को प्रेरित करने के लिए सार्वजनिक तौर पर टीका लगवाने का विचार कर रहे हैं. मैकएनैनी ने कहा, ‘उनकी मेडिकल टीम जब इसकी इजाजत दे देगी तो वह जल्द से जल्द टीका ले लेंगे. लेकिन उनकी प्राथमिकता अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मियों और सबसे ज्यादा जोखिम वाले लोगों का टीकाकरण सुनिश्चित करना है. पूर्व राष्ट्रपतियों बिल क्लिंटन, जॉर्ज बुश और बराक ओबामा के साथ नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन सार्वजनिक तौर पर टीका लगवाने की बात कह चुके हैं.

‘अमेरिका में कोविड-19 का टीका एक ‘चमत्कार’ है’
व्हाइट हाउस ने इस साल के अंत में टीका उपलब्ध कराने के वादे को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उपहास उड़ाने वाले अमेरिकी मीडिया के एक वर्ग की आलोचना करते हुए कहा है कि इतने कम समय में कोविड-19 का टीका विकसित करना और उसका वितरण करना एक ‘‘चमत्कार’’ है. अमेरिकी दवा निर्माता कंपनी फाइजर ने रविवार को मिशिगन के गोदाम से कोरोना वायरस के टीके की पहली खेप रवाना कर दी और इसके साथ ही अमेरिका के इतिहास में सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई.

अमेरिका में कोरोना वायरस के कारण तीन लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई है और देशभर में एक करोड़ 60 लोग इससे संक्रमित हुए हैं. फ्लाइट नर्स का काम करने वाले 43 वर्षीय जॉनी पीपल्स को मिशिगन मेडिकल केयर सेंटर में सोमवार दोपहर को टीका दिया गया। वह यह टीका लेने वाले पहले शख्स बने हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैली मेकनैनी ने मंगलवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘कल अमेरिका ने चिकित्सीय चमत्कार देखा। देशभर में कोविड-19 से निपटने के लिए अग्रिम मोर्चे पर काम कर रहे कर्मियों को टीके की पहली खुराक दी गई. राष्ट्रपति ने रिकॉर्ड समय में सुरक्षित एवं प्रभावी टीके का वादा किया था और राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐसा किया.’ उन्होंने कहा कि ट्रंप ने इन टीकों को विकसित किए जाने की निगरानी की और उन्हें इन पर बहुत भरोसा है.

ट्रंप को दिया वैक्सीन के जल्दी बनने का श्रेय
मेकनैनी ने कहा, ‘इस साल की शुरुआत में हमने कई समाचार संस्थानों एवं तथ्यों की तथाकथित जांच करने वालों से सुना था कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपनी बात सही साबित करने के लिए चमत्कार की आवश्यकता होगी. एनबीसी के एक लेख में यह कहा गया था.’ उन्होंने कहा, ‘‘हेल्थलाइन’ के अनुसार, हमें बताया गया था कि टीका विकसित होने में एक साल से अधिक का समय लगेगा.

‘यूएसए टुडे’ ने हमें सचेत किया था कि चिकित्सीय अनुसंधानों के प्रगति करने के बावजूद टीका आने में एक साल से अधिक का समय लगेगा. ‘नेशनल ज्योग्राफिक’ ने भी हमें बताया था कि एक साल से 18 महीने तक के समय में टीका विकसित करना अभूतपूर्व होगा. इन रिपोर्टों को स्वयं अपने तथ्यों की जांच करने की आवश्यकता है.’





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