होल्डर ने कहा कि वह इंग्लैंड में 56 वर्षों से रह रहे हैं (फोटो क्रेडिट: ईसीबी ट्विटर हैंडल )
Spread the love


होल्डर ने कहा कि वह इंग्लैंड में 56 वर्षों से रह रहे हैं (फोटो क्रेडिट: ईसीबी ट्विटर हैंडल )

पूर्व टेस्ट अंपायर जॉन होल्डर ने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड पर आरोप लगाते हुए कहा कि अश्वेत अंपायरों को 1992 के बाद से प्रथम श्रेणी सूची में नियुक्त नहीं किया गया है.

लंदन. पूर्व टेस्ट अंपायर जॉन होल्डर (John Holder) ने इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) पर ‘वर्षों तक नस्लवाद करने’ का आरोप लगाया और देश में अल्पसंख्यक ग्रुप से मैच अधिकारियों की कमी की स्वतंत्र जांच की मांग की. हैंपशर के पूर्व क्रिकेटर होल्डर ने तीन दशक के करियर में 11 टेस्ट और 19 वनडे में अंपायरिंग की है. उन्होंने कहा कि अश्वेत अंपायरों को 1992 के बाद से प्रथम श्रेणी सूची में नियुक्त नहीं किया गया है.

होल्डर ने ‘क्रिकइंफो’ से कहा कि मैं इंग्लैंड में 56 वर्षों से रह रहा हूं और मैं दिल पर हाथ रखकर आपको बता सकता हूं कि मैंने पहले कभी नस्लवाद का अनुभव नहीं किया है, लेकिन अगर आप इन आंकड़ों को देखो तो आपको समझ आएगा कि क्या हो रहा है और किसी अन्य निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल है.

आईसीसी के लिए काम बंद करने के बाद ईसीबी से किया था संपर्क
उन्होंने कहा कि जब मैंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के लिए काम करना बंद कर दिया तो मैंने ईसीबी से संपर्क किया कि मैं अपने सेवाएं अंपायरों को मेंटोरिंग के लिए देना चाहूंगा, लेकिन मुझे कोई जवाब नहीं मिला. उन्होंने कहा कि बल्कि पूर्व खिलाड़ियों को इस भूमिका के लिये नियुक्त किया गया, जिसमें से कुछ कभी भी अंपायर की भूमिका में नहीं रहे थे. यह अजीब है. यह उसी तरह है जैसे ड्राइविंग नहीं आने वाले को ड्राइविंग सिखाने के लिये नियुक्त करना.यह भी पढ़ें: 

भाई यूसुफ के बर्थडे पर इरफान पठान ने शेयर की काफी पुरानी तस्‍वीर, कहा- ये उस वक्‍त…

‘टेस्ट में विराट कोहली की अनुपस्थिति में रोहित के पास खुद को साबित करने का मौका’

वैनबर्न होल्डर अंतिम अश्वेत अंपायर थे, जिन्होंने ईसीबी की प्रथम श्रेणी सूची में अंपायरिंग की थी. वेस्टइंडीज के लिये 40 टेस्ट और 12 वनडे खेल चुके वैनबर्न होल्डर को 1992 में नियुक्त किया गया था और तब से कई अश्वेत उम्मीदवारों ने इस पेशे से जुड़ने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here