पीरियड्स में आते हैं चक्कर, जानें कारण और बचने के उपाय
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पीरियड्स (Menstruation) में हैवी ब्लीडिंग के कारण चक्कर (Dizziness) आ सकते हैं. अत्यधिक रक्त स्त्राव की वजह से रक्तचाप में अस्थाई बदलाव हो सकते हैं.

पीरियड्स (Menstruation) में हैवी ब्लीडिंग के कारण चक्कर (Dizziness) आ सकते हैं. अत्यधिक रक्त स्त्राव की वजह से रक्तचाप में अस्थाई बदलाव हो सकते हैं.



  • Last Updated:
    September 23, 2020, 11:50 AM IST

पीरियड्स यानी मासिक धर्म (Menstruation) महिलाओं और लड़कियों के लिए आसानी से निकलने वाले दिन नहीं होते हैं. कई महिलाओं को पीरियड्स के दौरान चक्कर आने (Dizziness) की समस्या होती है. चक्कर महसूस होना यूं तो कई मामलों में सामान्य होता है लेकिन यह बड़ी समस्या का संकेत भी हो सकता है. myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि चक्कर आने पर सिर हल्का लगने लगता है, अस्थिरता या संतुलन बिगड़ने से गिर जाते हैं. इस स्थिति में व्यक्ति को महसूस होता है कि जैसे कमरा घूम रहा हो. जानिए क्यों होता है ऐसा

हॉर्मोन

उतार-चढ़ाव वाले हॉर्मोन पीरियड्स लाते हैं. myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि पीरियड्स आते-आते एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर काफी नीचे चला जाता है. विशेष रूप से एस्ट्रोजन के स्तर को बदलना संभावित रूप से सर्कुलेशन, न्यूरोट्रांसमीटर, रक्त वाहिकाओं और रक्तचाप पर प्रभाव डालता है और ये सब संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं. यह माइग्रेन का कारण भी बनता है.हैवी पीरियड्स

पीरियड्स में हैवी ब्लीडिंग के कारण चक्कर आ सकते हैं. अत्यधिक रक्त स्त्राव की वजह से रक्तचाप में अस्थाई बदलाव हो सकते हैं. तेजी से रक्त बहने के कारण रक्तचाप में गिरावट होती है, जिसके कारण चक्कर आने जैसा महसूस हो सकता है. बहुत ज्यादा रक्तस्त्राव से एनीमिया भी हो सकता है. एनीमिया रक्त की ऑक्सीजन सैचुरेशन को प्रभावित कर सकता है और अगर मस्तिष्क में जाने वाला रक्त ऑक्सीजन की तुलना में कम है,  तो चक्कर महसूस कर सकते हैं.

क्रैम्प्स की वजह से

दर्द और तकलीफ से भरे पीरियड्स चक्कर महसूस करवा सकते हैं. क्रैम्पस के कारण पेट में तेज दर्द होता है. यूं तो पीरियड साइकल का सामान्य हिस्सा है लेकिन बहुत ज्यादा क्रैम्प्स होने से एंड्रोमेट्रिओसिस बीमारी का संकेत भी हो सकता है, जिसके कारण चक्कर आ सकते हैं.

मांसपेशियों में सिकुड़न

पीरियड्स को नियमित रखने में मदद करने में प्रोस्टाग्लैंडिंस हार्मोन का महत्वपूर्ण रोल है, लेकिन जब ज्यादा प्रोस्टाग्लैंडिंस का उत्पादन होता है तो क्रैम्प्स सामान्य से कहीं ज्यादा हो जाते हैं. इस हार्मोन के कारण गर्भाशय की मांसपेशियों में सिकुड़न-सी लगती है. इसकी वजह से शरीर की रक्त वाहिकाएं संकुचित भी होने लगती हैं, जिससे चक्कर और सिरदर्द की समस्या होने लगती है.

पानी की कमी

हार्मोन में बदलाव की वजह से पीरियड्स में शरीर में पानी की कमी हो जाती है और इसके कारण भी कई बार चक्कर महसूस होते हैं.

पीरियड्स में चक्कर आने की परेशानी से राहत पाने के लिए ये उपाय अपना सकते हैं

  • डिहाइड्रेशन रक्तचाप को कम करता है. इसलिए सामान्य रक्तचाप बनाए रखने और चक्कर से बचने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पिएं.
  • पूरे दिन पौष्टिक आहार खाना चाहिए और रिफाइंड चीनी खाने से बचना चाहिए. ताकत के लिए आहार में प्रोटीन शामिल करना आवश्यक है.
  • मछली, मांस, हरी सब्जियां, टोफू, ब्रोकली जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थ खाना एनीमिया की स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है.
  • पीरियड्स से पहले और उसके दौरान मल्टीविटामिन का सेवन करने से विटामिन बी 12, विटामिन बी 6, विटामिन सी और आयरन जैसे विटामिन की आपूर्ति के कारण चक्कर आने के लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद मिलती है.
  • अदरक की चाय और मेन्थॉल वाली चाय पीने से चक्कर आना और पीरियड में होने वाली ऐंठन के इलाज करने में मदद मिलती है.
  • ब्रीदिंग टेक्निक चक्कर आने के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए जानी जाती है. सांस लेने की तकनीक का अभ्यास करने से शरीर का दर्द कम हो जाता है, जिससे चक्कर आने की आशंका को कम किया जा सकता है.
  • ज्यादा दर्द या क्रैम्प्स के कारण चक्कर आ रहे हों तो दर्द कम करने के लिए हीटिंग पैड या गर्म पानी की बोतल का इस्तेमाल कर सकती हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सौंफ की चाय के फायदे, नुकसान और बनाने की विधि पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

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