26 दिसंबर के आसपास पहाड़ों पर वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस देखने को मिल सकता है...


26 दिसंबर के आसपास पहाड़ों पर वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस देखने को मिल सकता है…

मौसम विभाग (IMD) के एडिशनल डायरेक्‍टर जनरल आनंद कुमार शर्मा ने News18 हिंदी को बताया कि उत्‍तर प्रदेश में फ‍िलहाल कोहरा एवं शीत लहर बनी रहेगी. उन्‍होंने आगे बताया कि 26 दिसंबर के आसपास पहाड़ों पर वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस देखने को मिल सकता है, जिसकी वजह से जम्‍मू-कश्‍मीर, हिमाचल एवं उत्‍तराखंड में बारिश एवं बर्फबारी हो सकती है. पूर्वानुमान है कि 29 दिसंबर के आसपास मौसम सर्द हो सकता है. उनका कहना है कि हम लगातार स्‍थ‍िति पर नजर बनाए हुए हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 21, 2020, 2:20 PM IST

आने वाले कुछ दिनों में देश के कई हिस्‍सों में बेहद कड़ाके की ठंड (Cold Weather) पड़ने वाली है. खासतौर पर दिल्‍ली-एनसीआर (Delhi-Ncr Weather) में न्‍यूनतम तापमान में अच्‍छी खासी गिरावट देखने को मिल सकती है. वहीं, दिसंबर के अंतिम सप्‍ताह में पहाड़ों पर बर्फबारी का अनुमान है, जिसकी वजह पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) है.

मौसम विभाग (IMD) के एडिशनल डायरेक्‍टर जनरल आनंद कुमार शर्मा ने News18 हिंदी को बताया कि 22 दिसंबर के बाद 23,24 एवं 25 दिसंबर के आसपास दिल्‍ली-एनसीआर के न्‍यूतनतम तापमान में थोड़ी गिरावट आएगी, जोकि 4 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है. उत्‍तर पश्चिमी भारत खासकर पंजाब एवं हरियाणा में कोहरे का काफी असर देखने को मिल सकता है.

मौसम वैज्ञानिक आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि उत्‍तर प्रदेश में फ‍िलहाल कोहरा एवं शीत लहर बनी रहेगी. उन्‍होंने आगे बताया कि 26 दिसंबर के आसपास पहाड़ों पर वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस देखने को मिल सकता है, जिसकी वजह से जम्‍मू-कश्‍मीर, हिमाचल एवं उत्‍तराखंड में बारिश एवं बर्फबारी हो सकती है. पूर्वानुमान है कि 29 दिसंबर के आसपास मौसम सर्द हो सकता है. उनका कहना है कि हम लगातार स्‍थ‍िति पर नजर बनाए हुए हैं.

इस सर्द मौसम के चलते कई तरह की स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी दिक्‍कतें भी पैदा होने की स्थिति मौसम विभाग की तरफ से जताई गई हैं.मौसम विभाग ने स्‍वास्‍थ्‍य दिक्‍कतों संबंधी अपने पूर्वानुमान में कहा है कि बेहद सर्द मौसम के चलते फ्लू, जुकाम होने/नाक बहने या नकसीर जैसी विभिन्न बीमारियों की आशंका बढ़ जाती है, जो आमतौर पर ठंड के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण होती हैं या बढ़ जाती हैं. साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि कंपकंपी को नजरअंदाज न करें. यह पहला संकेत है कि शरीर गर्मी खो रहा है.

वहीं आगे बताया गया है कि ठंड के लंबे समय तक संपर्क में रहने के कारण फ्रॉस्टबाइट हो सकता है, जिससे त्वचा पीली, कठोर और सुन्न हो जाती है, नतीजतन अंगुलियों, पैर की उंगलियों, नाक या कान जैसे शरीर के हिस्सों पर काले रंग के छाले दिखाई देते हैं. इसके लिए तत्काल चिकित्सा ध्यान और उपचार की आवश्यकता है.

इसके अलावा भारतीय मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर कृषि, जल आपूर्ति, परिवहन और बिजली क्षेत्र के भी प्रभावित होने की आशंका जाहिर की है.





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