फोटो साभारः bhavana.org.in


फोटो साभारः bhavana.org.in

फोटो साभारः bhavana.org.in

Aerospace scientist Prof. Roddam Narasimha: न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील वी फर्टाडो ने कहा कि प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में सेवा देने वाले वैज्ञानिक ने रात 8.30 बजे अंतिम सांस ली. उन्होंने कहा, “जब वह हमारे अस्पताल में लाया गया, तो वह बहुत ही गंभीर अवस्था में थे.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 15, 2020, 1:19 AM IST

नई दिल्ली. एयरोस्पेस वैज्ञानिक प्रो. रोद्दम नरसिम्हा (Aerospace scientist Prof. Roddam Narasimha) का निधन हो गया है. वह 87 साल के थे. न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक रोद्दम नरसिम्हा को ब्रेन हेमरेज हुआ था, जिसके बाद उन्हें 8 दिसंबर को बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती कराया गया. सोमवार देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील वी फर्टाडो ने कहा कि प्रतिष्ठित भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में सेवा देने वाले वैज्ञानिक ने रात 8.30 बजे अंतिम सांस ली. उन्होंने कहा, “जब वह हमारे अस्पताल में लाया गया, तो वह बहुत ही गंभीर अवस्था में थे. उनके मस्तिष्क के अंदर खून बह रहा था.’ उन्होंने बताया कि रोद्दम नरसिम्हा को हार्ट से जुड़ी समस्या थी और उन्हें 2018 में भी ब्रेस स्ट्रोक हुआ था. उनके परिवार के सदस्यों ने कहा कि मंगलवार को नरसिम्हा का अंतिम संस्कार किया जाएगा.

जानिए नरसिम्हा के बारे में…
20 जुलाई, 1933 को जन्मे, प्रो नरसिम्हा ने एयरोस्पेस के क्षेत्र में और एक द्रव डायनामिस्ट के रूप में एक पहचान बनाई. उन्होंने 1962 से 1999 तक IISc में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग सिखाई. उन्होंने 1984 से 1993 तक राष्ट्रीय एयरोस्पेस प्रयोगशालाओं के निदेशक के रूप में भी कार्य किया. वह 2000 से 2014 तक बेंगलुरु के जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) में इंजीनियरिंग मैकेनिक्स यूनिट के अध्यक्ष थे.2013 में पद्म विभूषण से किया गया था सम्मानित

उनके योगदान को देखते हुए, केंद्र सरकार ने उन्हें 2013 में भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया. उनके पारिवारिक मित्रों के अनुसार, नरसिम्हा भारत के मिसाइल मैन और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम की लीग में थे.

डॉ. कलाम के साथ लिखी थी किताब
डॉ. कलाम और प्रोफेसर नरसिम्हा ने मिलकर एक किताब लिखी थी – “डेवलपमेंट इन फ्लूइड मैकेनिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी”. वह प्रख्यात वैज्ञानिक और भारत रत्न से सम्मानित डॉ सी एन आर राव के अच्छे दोस्त भी थे. वह भारतीय रॉकेट वैज्ञानिक प्रोफेसर सतीश धवन के छात्र थे.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here