ऐसे मसाले और जड़ी बूटियों का भी सेवन करें, जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने और स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.


बढ़ती ठंड और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है जैसे सर्दी-जुकाम, सूखी खांसी या बलगम वाली खांसी, बुखार, फ्लू, वायरल इन्फेक्शन इत्यादि. ज्यादा ठंड होने के कारण हृदय रोग का जोखिम भी बढ़ जाता है, क्योंकि ठंड की वजह से रक्त की नली सिकुड़ जाती है. इससे कई बार रक्त ठीक तरह से प्रवाहित नहीं हो पाता है, जिस कारण सर्दियों में दिल की बीमारियों के मामले भी ज्यादा आते हैं. मौसम का बदलना एक प्राकृतिक घटना है, ऐसे में शरीर को नए मौसम के हिसाब से ढालना आना चाहिए. आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ सावधानियों के बारे में जिनकी मदद से सर्दी में होने वाली सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को रोका या कम किया जा सकता है.

स्वस्थ आहार

स्वस्थ आहार का सेवन संक्रमण और बीमारियों जैसे सर्दी व फ्लू के खिलाफ बचाव का पहला कदम है. अपने आहार में साबुत अनाज, अंडे, फैटी फिश, फलियां, नट्स, ताजे फल और सब्जियों को शामिल करें. ऐसे मसाले और जड़ी बूटियों का भी सेवन करें, जो प्रतिरक्षा को बढ़ावा देने और स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है.व्यायाम है जरूरी

योग, पैदल चलना या तेज चलने जैसी किसी भी प्रकार की शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करके अपनी फिटनेस को बनाए रखा जा सकता है. नियमित व्यायाम ज्यादा कैलोरी बर्न करने, शरीर को गर्म रखने और प्रतिरक्षा में सुधार करने में मदद कर सकता है, जिससे खांसी और जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों से बचने में मदद मिलती है. यदि आप अस्थमा या हृदय रोग के मरीज हैं, तो मास्क पहनना और भी जरूरी हो जाता है. इससे हवा में प्रदूषकों और एलर्जी से बचाव होता है.

व्यक्तिगत स्वच्छता बनाएं रखें

स्वच्छता बनाएं रखने की आदतों को अपनाएं, जिसमें साबुन और पानी से अपने हाथ धोना, आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचना शामिल है. खुद को बैक्टीरिया और कीटाणुओं से बचाने के ये शानदार तरीके हैं.

घरेलू सतहों को साफ रखें

myUpchar के अनुसार, दरवाजे की कुंडी, कीबोर्ड, इलेक्ट्रिक स्विच, टेलीफोन से लेकर ड्रॉअर के हैंडल, सिंक आदि यदि किसी संक्रमित व्यक्ति ने इस्तेमाल किए हैं, तो कुछ घंटों तक इन सतहों पर वायरस रह सकते हैं. इन सतहों को अच्छी तरह से साबुन या डिसइंफेक्ट सॉल्शून से साफ करना चाहिए.

पर्याप्त पानी पिएं

सुनिश्चित करें कि दिनभर में पर्याप्त पानी पीते रहें। यह हाइड्रेटेड रहने और हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर में तरल पदार्थ के साथ-साथ पोषक तत्वों को शरीर की कोशिकाओं तक ले जाने में भी मदद मिलती है. यह कब्ज और अन्य पाचन समस्याओं को दूर रखने में भी मदद की सकता है. त्वचा को नमीयुक्त और उसकी बनावट और रूप-रंग बनाए रखने में पानी की भी अहम भूमिका होती है.

नींद भी जरूरी

नींद के महत्व को कम नहीं समझना चाहिए. गुणवत्तापूर्ण नींद लेना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि व्यायाम और स्वस्थ भोजन. नींद की कमी से वजन बढ़ता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है, जिससे बीमारी का खतरा बढ़ सकता है. बीमारी होने के बाद ठीक होने की क्षमता नींद की खराब गुणवत्ता से प्रभावित होती है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, सर्दी जुकाम पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.





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