गठिया का पता लगाने के लिए होते हैं ये टेस्ट (photo credit: pexels/
Ketut Subiyanto)

गठिया (Arthritis)रोग दो प्रकार के होते हैं एक ऑस्टियोआर्थराइटिस और दूसरा रुमेटाइड आर्थराइटिस. दोनों ही प्रकार के गठिया के लक्षणों में जोड़ों में दर्द और सूजन आम है.



  • Last Updated:
    December 21, 2020, 10:46 AM IST

गठिया रोग एक ऐसी बीमारी है, जिसमें जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या बनी रहती है. इसमें शरीर के किसी भी जोड़ में गठिया की समस्या हो सकती है. वैसे तो गठिया रोग बुजुर्गों में अधिक होता है लेकिन यह रोग वयस्कों में भी हो सकता है. गठिया रोग खासतौर पर पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक होता है. इसके अतिरिक्त मोटापे के कारण भी गठिया रोग हो सकता है क्योंकि शरीर के जोड़ ज्यादा वजन सहन नहीं कर पाते हैं. इस कारण जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या होने लगती है. गठिया का टेस्ट कई प्रकार से हो सकते हैं. आइए चर्चा करते है गठिया के होने वाले सभी टेस्ट के बारे में और इसके लक्षणों के बारे में-

गठिया के ये हो सकते हैं लक्षण

myUpchar के अनुसार, गठिया रोग दो प्रकार के होते हैं एक ऑस्टियोआर्थराइटिस और दूसरा रुमेटाइड आर्थराइटिस. दोनों ही प्रकार के गठिया के लक्षणों में जोड़ों में दर्द और सूजन आम है. हालांकि इसके अलावा भी कुछ लक्षण देखे जा सकते हैं. लंबे समय तक गठिया होने के कारण एनेमिया की समस्या हो सकती है. इससे इम्युनिटी सिस्टम भी प्रभावित होता है. कई बार गठिया के मरीजों को शरीर में सूजन की वजह से भूख कम लगती है. इसमें रोगी को बुखार भी आ सकता है. गठिया रोग के कई मरीजों की हड्डियां (जैसे हाथ-पैर की उंगलियां) बाहर की ओर निकल आती हैं. ऐसे किसी भी तरह के लक्षण महसूस होने पर व्यक्ति को अपना चेकअप जरूर करा लेना चाहिए.

यूरीन टेस्‍ट से पता लगाया जाता है गठिया रोगयूरिन और ब्लड का सैंपल लेकर और जोड़ों में से तरल पदार्थ की कुछ मात्रा लेकर जांच की जाती है. जोड़ों से तरल पदार्थ का सैंपल लेने से पहले उस जगह को सुन्न किया जाता है. फिर इसमें सुई डालकर थोड़ा सा तरल पदार्थ निकालकर इसकी जांच की जाती है.

एक्‍स-रे से पता चलती है जोड़ों की सूजन

myUpchar के अनुसार, एक्स-रे की मदद से शरीर में सूजन के बारे में पता लगाया जाता है. जोड़ों में मौजूद तरल पदार्थ के जरिए यह पता चल सकता है कि कार्टिलेज कम तो नहीं हो गया है. गठिया रोग में कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है, जो जोड़ों को ठीक तरह से कार्य करने में सहायक भूमिका निभाता है.

अल्ट्रासाउंड से भी पता चलता है गठिया रोग का

दरअसल अल्ट्रासाउंड की मदद से जोड़ों के बारे में एक्स-रे से ज्यादा पता लगा सकता है, क्योंकि इसमें जोड़ या हड्डियों के कटाव या घिसाव आदि सभी के बारे में सटीक जानकारी मिलती है.

एमआरआई से ली जा सकती हैं सभी आंतरिक तस्वीरें

एमआरआई के द्वारा शरीर की सभी हड्डियों का चित्र लिया जा सकता है. इस मशीन के द्वारा उन नरम उतकों का भी पता लगाया जा सकता है, जिससे गठिया रोग की समस्या होती है. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गठिया पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here