Thursday, May 13, 2021
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छत्तीसगढ़ नवीनतम समाचार भिलाई शटील पीटीआर ने आत्मनिर्भर भारत की तरफ से एक और कदम उठाया, गगन्यान के ललित तैयार की यह बात


भिलाई इस्पात संयंत्र ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है

भिलाई इस्पात संयंत्र ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है

छत्तीसगढ़ समाचार: छेदतीसगढ़ के भिलाई इस्पात संयंत्र द्वारा गगनायन के ल’ये निर्मित हो गए इन शक्तीली विशेष प्लेटों की विषेशता यह है कि ये उच्च ताप को सहने की क्षमता रखते है। इसके रोलिंग में टॉर्चर सावधानी से पड़ती हैं। इसमें घाटीले के रिहीटिंग से लेकर रोलिंग तक कड़े तकनीकी मानकों का अनुपालन सितश्चत किया जाता है।

सेल की महत्वपूर्ण ईकाई भिलाई इस्पात संयंत्र संकटकाल के दौरान भी अपने बेहतर कार्यों का निकास कर रही है। इसी कड़ी में भिलाई इस्पात संयंत्र ने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। बीएसपी के प्लेट मिल ने एक बार फिर अपनी उत्क्रटता सिद्ध करते हुए 13 वीं बार मिश्र धातु निगम ‘मिधानी’ द्वारा प्रदत्त एमडीएन -250 के 10 स्लैब्स से 20 प्लेटस की सफलतापूर्वक रोलिंग की है।

बीएसपी के प्लेट मिल में नियमित अंतराल में इन स्लेब्स को 9.3 मिलीमीटर की मोटाई में सफलता पूर्व रोलिंग किया जा रहा है। इन प्लेटों का उपयोग पीएसएलवी के बाहरी मोटर कवर और इसरो के जीएसएलवी और प्रक्षेपण वाहनों में किया गया है। भिलाई ईस्पात संयंत्र में अब तक कुल 440 टन की रोलिंग की जा चुकी हैं, जिसमें फरवरी 2020 में गगन्यान भी शामिल है।

ये शक्तीली विशेष प्लेटों की विषेशता यह है कि ये उच्च ताप को सहने की क्षमता रखते है। इसके रोलिंग में टॉर्चर सावधानी से पड़ती हैं। इसमें घाटीले के रिहीटिंग से लेकर रोलिंग तक कड़े तकनीकी मापदंडों का अनुपालन सुनीश्चत किया जाता है। इस चुनौतीपूर्ण कार्य को प्लेटिल बिरादरी के साथ साथ आरसीएल व इंस्टेंटेशन जेसे विभागों और अन्य संबंधित विभागों का महत्वपूर्ण योगदान है।

इन प्लेटों की रोलिंग प्लेट मिल के मुख्य महाप्रबंधक संजय शर्मा के नेतृत्व और इन प्लेटों का निरीक्षण संयंत्र के गुणवत्ता विभाग की ओर से सुधीर रामकृष्ण महाप्रबंधक फलैट प्रोडक्ट, एनडीटी और प्लानिंग, तथा विप कुमार कुमार महाप्रबंधक फॉलेट प्रोडक्ट एंड एनडीटी की देखरेख व मार्गदर्शन में किया गया है। । इन अधिकारियों व कर्मचारियों के लगातार प्रयास से संयंत्र में इस प्रकार के प्लेटस तैयार किए जा सके। भिलाई इस्पात संयंत्र पहले भी कर चुके है विशेष प्लेटस की रोलिंग- 20 अक्टूबर 2020 के पूर्व 29 जुलाई 2020 को एमडीएन -250 स्लैब्स की सुलाता की एक रोलिंग के रूप में। गया था। रोलिंग की गई मिधानी स्लेब्स के इस फैसले का प्रयोग अब भारत के पहले मानवयुक्त उपग्रह मिशन कार्यक्रम गगनान के प्रक्षेपण के लिए किया जाएगा। इसके पूर्व फरवरी 2020 में भी इसके स्लेब्स की रोलिंग की गई थी।






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