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चीन ने भारतीय सीमा के पास जमकर मिसाइलें दागी. फोटो: Twitter

चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People’s Libration Army) ने भारतीय सीमा के काफी करीब मिसाइलें दागीं. चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स का दावा है कि इस अभ्यास में 90 फीसदी नए हथियारों का इस्‍तेमाल किया गया है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 18, 2020, 7:15 PM IST

बीजिंग. चीन और भारत के बीच सीमा विवाद (China-India Border Dispute) खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. इस बीच चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People’s Libration Army) ने भारतीय सीमा के काफी करीब मिसाइलें दागी हैं. रॉकेट लॉचर से लगातार गोले दागे जाने से लद्दाख (Laddakh) के पहाड़ कांप उठे. चीन के इस युद्धाभ्यास के पीछे का मकदस भारत पर मनो​वैज्ञानिक दबाव बनाने को बताया जा रहा है. चीन के सरकारी अखबार ग्‍लोबल टाइम्‍स का दावा है कि इस अभ्यास में 90 फीसदी नए हथियारों का इस्‍तेमाल किया गया है.

ग्‍लोबल टाइम्‍स ने कहा कि यह अभ्‍यास पीएलए के तिब्‍बत थिएटर कमांड की ओर से किया गया. यह युद्धाभ्यास 4700 मीटर की ऊंचाई पर किया जा रहा है. इस अभ्‍यास का ग्‍लोबल टाइम्‍स ने एक वीडियो भी जारी किया है. इस विडियो में नजर आ रहा है कि चीनी सेना अंधेरे में हमला बोलती है और ड्रोन विमानों की मदद से हमला बोलती है. इस वीडियो में चीनी सेना एक पूरे पहाड़ी इलाके को तबाह करती हुई नजर आ रही है.

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चीन का यह व्यवहार समझौतों के बिल्कुल उलट है: जयशंकर

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इससे पहले शुक्रवार को कहा कि सीमा पर बड़ी संख्या में चीनी सैनिकों की तैनाती दोनों पूर्व में हुए समझौतों के बिल्कुल विपरीत है. ऐसे में जब दो देशों के सैनिक तनाव वाले इलाकों में मौजूद रहते हैं तो वही होता है जो 15 जून को हुआ. जयशंकर ने कहा कि यह व्यवहार न सिर्फ बातचीत को प्रभावित करता है बल्कि 30 वर्ष के संबंधों को भी खराब करता है

विदेश मंत्री ने एशिया सोसायटी के एक वर्चुअल कार्यक्रम में कहा, ‘1993 से अब तक दोनों देशों के बीच कई करार हुए जिन्होंने शांति और स्थिरता कायम करने का ढांचा तैयार किया. इन करारों में सीमा प्रबंधन से सैनिकों के बर्ताव तक सब बातों को शामिल किया गया, लेकिन जो इस साल हुआ उसने सभी करारों को खोखला साबित कर दिया.’





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