चीन के सरकारी अख़बार का इशारा, सरकारी निगरानी में हैं जैक मा. (फोटो-AFP)

Jack Ma arrested: चीनी अरबपति जैक मा के दो महीनों से गायब होने पर चीन के सरकारी अख़बार पीपुल्‍स डेली ने कहा है कि वे सरकारी निगरानी में हो सकते हैं. चीन के बैंकों और सरकारी नीतियों की आलोचना के बाद से ही जैक मा विवादों में हैं और राष्ट्रपति शी जिनपिंग उनसे नाराज़ बताए जाते हैं.

बीजिंग. चीन (China) के अरबपति बिजनेसमैन और अलीबाबा के संस्थापक जैक मा (Jack Ma Missing) बीते दो महीनों से गायब हैं. चीन की नीतियों की आलोचना करने के बाद से ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) उनसे खासे नाराज़ बताए जा रहे हैं. उधर चीन के सरकारी अखबार पीपुल्‍स डेली ने जैक मा के सरकारी निगरानी (Jack Ma arrested) में होने की तरफ इशारा किया है. जैक मा देश छोड़कर न ले जाएं इसलिए उन्हें किसी अज्ञात जगह पर सरकारी निगरानी में रखा गया है.

ब्‍लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा बीते दिनों अपने खुद के रियलिटी शो में भी नज़र नहीं आए जिसके बाद उनके लापता होने की चर्चाएं हो रही हैं. जैक मा के ऑफिस की तरफ से लगातार कार्यक्रमों के न्योते ठुकराए जा रहे हैं और दो महीने से वो कहीं भी सार्वजनिक रूप से नज़र नहीं आए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक चीन की कम्‍युनिस्‍ट पार्टी के सदस्‍य जैक मा को सरकार ने सलाह दी है कि वह देश को नहीं छोड़ें. माना जा रहा है कि जैक मा की इस दुर्दशा के पीछे चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनका विवाद और उनकी कंपनी अली पे को लेकर गहराया विवाद है. अली पे की स्‍थापना जैक मा ने 20 साल पहले की थी. यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल पेमेंट प्‍लेटफार्म है और 73 करोड़ लोग इसके यूजर हैं.

अब कोई जैक मा काल नहीं होगा
रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा बीते दो महीनों में कई कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे लेकिन आखिरी वक़्त पर उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया. बीते दोनों मशहूर टीवी शो Den-style TV show Africa’s Business Heroes से भी अचानक ही जैक मा का नाम हटा दिया गया. यहां तक कि शो के पोस्टर से भी उनकी तस्वीर हटा दी गयी है. चीन के सरकारी अखबार ने गत वर्ष नवंबर में ही कह दिया था कि अब कोई भी ‘जैक मा काल’ नहीं होगा. पीपुल्‍स डेली ने लिखा, ‘जैक मा बुद्धिमान हैं लेकिन बिना राष्‍ट्रीय नीतियों के समर्थन के उनकी कंपनी ट्रिलियन डॉलर का बिजनेस साम्राज्‍य नहीं बन जाता. और अब आज जैक मा का न तो प्रभाव है और न ही उनकी लोकप्रियता है.’ अखबार ने अलीबाबा के संस्‍थापक पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि एंट ग्रुप के आईपीओ के निलंबित होने से ‘पैसे को नापसंद करने वाले’ जैक मा दुनिया के सबसे अमीर शख्‍स बनते-बनते रह गए.

चीन कस रहा शिकंजा
चीन के रेगुलेटर्स ने Ant Group को अपने कारोबारों में सुधार (रेक्टिफिकेशन) करने का आदेश दिया है. यह भी कहा है कि ग्रुप नियामकीय आवश्यकताओं का अनुपालन करे. Ant Group दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनी है. बता दें कि आंट ग्रुप की शुरुआत अलीबाबा के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म Taobao के लिए पेमेंट सर्विसेज के तौर पर हुई थी. आज यह ग्रुप इंश्योरेंस व इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट की भी पेशकश करता है. चीन में इंटरनेट सेक्टर में एंटी मोनोपोली प्रैक्टिसेज को लेकर जांच तेज हुई है. चीन के रेगुलेटर्स ने रविवार को बयान में कहा कि चीन के केन्द्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने Ant Group के एग्जीक्यूटिव्स को शनिवार को समन जारी किया. उन्हें आदेश दिया गया है कि वे एक रेक्टिफिकेशन प्लान तैयार करें. साथ ही क्रेडिट, इंश्योरेंस व वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज समेत अपने कारोबार के इंप्लीमेंटेशन टाइमटेबल को भी तैयार करें.

80 हज़ार करोड़ रुपये का घाटा
जैक मा के लिए 2020 का आख़िरी दौर अच्छा साबित नहीं हुआ. अलीबाबा के को-फाउंडर जैक मा को अक्टूबर के अंत से करीब 11 अरब डॉलर का झटका लगा है. भारतीय मुद्रा में ये रकम 80 हज़ार करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है. ऐसा अधिकारियों के उनकी कंपनी और दूसरे बड़े टेक समूहों पर अपनी निगरानी बढ़ाने के चलते हुआ. अलीबाबा चीन की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है. इस साल मा की दौलत करीब 61.7 अरब डॉलर पर पहुंच गई और वे एक बार फिर से चीन के सबसे रईस शख्स बनने के करीब पहुंच गए. ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के मुताबिक, हालांकि, जैक मा की नेट वर्थ घटकर 50.9 अरब डॉलर पर आ गई. इस लिस्ट में उन्हें चौथे पायदान पर रखा गया है.

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IPO रुकने से हुआ नुकसान
पीपुल्‍स डेली ने कहा कि आईपीओ सस्‍पेंड होने से जैक मा की लोकप्रियता भी रातो-रात रसातल में चली गई. जैक अब लोगों के दिलों में खून चूसने वाले की हो गई है. एशिया टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक जैक मा ही केवल निगरानी में नहीं रखे गए हैं. चीन के एक अन्‍य चर्चित अरबपति बिजनस मैन लियू किआंगडोंग काफी समय से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं. लियू किआंगडोंग चीन की विशाल कंपनी JD.com का नेतृत्‍व करते हैं. कंपनी ने अब तक दो बार माफी मांगी है और जैक मा के हश्र से बचने के JD.com के मैनेजमेंट में बदलाव कर दिया है.








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