Monday, March 1, 2021
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खरीफ फसल बर्बाद होने के बाद किसानों का दर्द लेकर लखनऊ पहुंचे बीजेपी MLA, अधिकारियों से कही ये बात


विधायक जवाहर लाल राजपूत ने किसानों को हुए नुकसान की दास्तान सुनाई.

Lucknow News: किसानों को मुआबजा दिलाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत (Jawahar lal rajpoot) ने अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका चौधरी से बात की है. इसके साथ ही राहत आयुक्त संजय गोयल को भी उन्होंने किसानों को हुए नुकसान की जानकारी दी.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के सचिवालय में झांसी के गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत एक बार फिर किसानों के मुद्दे पर भिड़ते नजर आए. उन्होंने कहा कि कई बार किसानों की समस्या रखी गई, लेकिन खरीफ की फसल में हुए नुकसान का किसानों को मुआबाजा मिलना तो दूर उनको हुए नुकसान का आंकलन तक नहीं किया गया है. इस पर किसान विरोध करने पर आमादा हैं. विधायक की शिकायत पर अपर मुख्य सचिव राजस्व और राहत आयुक्त ने फौरन उनकी बात सुनी. उन्होंने इस पर कृषि विभाग और झांसी के जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगने की भी बात कही.इस दौरान गरौठा विधायक किसानों की समस्या को लेकर काफी आक्रामक दिखाई दिए. उनका कहना था कि किसान की खरीफ 2020-21 की फसल पूरी तरह से बारिश नहीं होने के कारण तबाह हो गई. इसके साथ ही सिंचाई के लिए पानी नहीं होने के कारण किसान रबी की फसल की बुआई भी नहीं कर सका है. जिससे किसान उनको ही खरी खोटी सुना रहे हैं. जबकि वह कई बार लखनऊ आकर किसानों की समस्या बता चुके हैं.

गौरतलब है कि जिले में बारिश की कमी से खरीफ की फसल बर्बाद होने के बाद से लेकर अभी तक किसान मुआबजा राशि मिलने की बाठ जोह रहे हैं. कई जगहों से किसानों के विरोध की खबरें भी आ रहीं हैं. बारिश नहीं होने के कारण हुए नुकसान और सिंचाई के अभाव में रबी की फसल की बुआई नहीं कर पाए. किसानों को मुआबजा दिलाए जाने की मांग को लेकर शनिवार को गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका चौधरी से बात की है. इसके साथ ही राहत आयुक्त संजय गोयल को भी उन्होंने किसानों को हुए नुकसान की जानकारी दी. गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत की पहचान बुंदेलखंड में किसान नेता की है. वह किसानों के मुद्दों पर काफी सक्रिय माने जाते हैं.

अधिकारियों को दिए पत्र में बताई खरीफ नुकसान की दास्तान

उन्होंने दोनों की अधिकारियों को पत्र देकर बताया कि झांसी के गरौठा तहसील में खरीफ फसल में किसानों ने उड़द व तिल, मूंग की फसल की गई थी, लेकिन गरौठा में गत वर्ष एवं इस वर्ष कम वर्षा होने के कारण उड़द व तिल की फसल में पीलापन आ गया. उड़द व तिल की फसल में फल नहीं लगे. गरौठा तहसील में उड़द मूंग तिल की 80 से 90 प्रतिशत फसल बर्बाद हो गई. रबी की फसल के लिए अधिकांश किसानों के खेत बिना पानी के नहीं बोए जा सकते हैं. जिससे हजारों एकड़ भूमि किसानों की रबी फसल बिना बुआई के रह गई. खरीफ फसल का मुआबजा किसानों को दिया जाना आवश्यक है.ये भी पढ़ें: Meerut News: ममता बनर्जी के गुस्से पर भड़के BJP नेता, बंगाल CM को बताया ‘सूर्पनखा’

किसानों की फसल का 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने के बाद भी अभी तक किसानों को मुआबजा मिला और न ही सर्वे की जानकारी हुई है. किसानों से अत्यधिक शिकायतें आ रही हैं कि खरीफ की फसल अत्यधिक तिल, उड़द, मूंग, मूंगफली अत्यधिक नुकसान के बाद भी मुआबजा नहीं मिल रहा है. इसको लेकर अपर मुख्य सचिव राजस्व ने कृषि विभाग से इसकी रिपोर्ट मंगाए जाने की बात कही है. राहत आयुक्त संजय गोयल ने कहा कि वह झांसी के जिलाधिकारी से नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट मांगेंगे. किसानों को नुकसान की भरपाई की जाएगी.








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