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  • El Clasico Of Cricket: Mumbai Indians And Chennai Superkings; Most Successful Teams Of Both Leagues, Mumbai Wins 4 Most, Chennai 3 Times

एक दिन पहले

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सीएसके के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा (फाइल फोटो)

  • मुंबई ने आखिरी पांचों मैच जीते हैं, अप्रैल 2018 से मुंबई-चेन्नई के बीच 5 मैच हुए हैं, सभी मुंबई ने जीते हैं
  • चेन्नई की टीम अपने खेले सभी सीजन के प्लेऑफ में पहुंची, 10 में 8 फाइनल खेले
  • डिफेंडिंग चैम्पियन मुंबई और चेन्नई के बीच शाम 7.30 बजे से मैच

आईपीएल का 13वां सीजन शनिवार से शुरू हो रहा है। पहले मैच में डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस का मुकाबला रनरअप चेन्नई सुपरकिंग्स से होगा। दोनों के बीच होने वाले मैच को लीग का एल क्लासिको कहा जाता है क्योंकि दोनों लीग की सबसे सफल टीमें हैं। एल क्लासिको स्पेनिश शब्द है, जिसका मतलब होता है उत्कृष्ट। स्पेनिश फुटबॉल में बार्सिलोना-रियल मैड्रिड के मैच को एल क्लासिको कहा जाता है, क्योंकि दोनों ला लिगा के सबसे सफल क्लब हैं। मुंबई का पलड़ा भारी माना जा रहा है। दोनों के अंतिम 5 मुकाबले मुंबई ने ही जीते हैं। पिछले सीजन में फाइनल सहित 4 मैच में टीमें आमने-सामने हुईं, सभी मुंबई ने जीते। लीग यूएई में खेली जा रही है। ऐसे में दोनों टीमें नए सिरे से शुरुआत करना चाहेंगी।
यह रहता है टर्निंग पॉइंट
चेन्नई की स्पिन गेंदबाजी अच्छी है। मुंबई जल्द विकेट गिरने पर हार्दिक और पोलार्ड से पहले क्रुणाल को भेजती है। ताकि अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाए जा सकें। डेथ ओवरों के स्पेशलिस्ट ब्रावो पर भी हार्दिक-पोलार्ड भारी पड़ते हैं। दोनों उनके खिलाफ 185 रन बना चुके हैं।
टाॅस महत्वपूर्ण, पर चेन्नई के कप्तान धोनी के लिए निर्णय आसान नहींअबु धाबी की पिच धीमी मानी जाती है। ऐसे में टाॅस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना चाहेगी। लेकिन ओस पड़ने की संभावना है। ऐसे में चेन्नई के स्पिनर्स के लिए गेंदबाजी मुश्किल हो सकती है। धोनी यदि टाॅस जीतते हैं तो उनके लिए निर्णय लेना आसान नहीं होगा

चेन्नई के लिए बल्लेबाजी तो मुंबई के स्पिन गेंदबाज चिंता का विषय
चेन्नई के लिए बल्लेबाजी चिंता का कारण है। पिछले सीजन में टीम ने पहले 6 ओवरों में सबसे ज्यादा 30 विकेट गंवाए। इस दौरान सबसे कम 6.44 के रनरेट से रन बनाए। मुंबई के स्पिनर पिछले दो सीजन में टीम के 190 में से 55 विकेट ही ले सके। यानी सिर्फ 29%। यह 8 टीम में सबसे कम है। चेन्नई के स्पिनर्स ने 210 में से 90 विकेट लिए। यानी 43%। पिछले दो सीजन की बात की जाए तो चेन्नई के गेंदबाजों ने पहले 6 ओवर में सबसे ज्यादा 56 विकेट लिए। यह दूसरे नंबर पर काबिज राजस्थान से 11 विकेट अधिक है। मुंबई 40 विकेट लेकर चौथे पर रहा।

मुंबई के गेंदबाज पहले छह ओवर में ही चेन्नई पर दबाव बना लेते हैं
चेन्नई ने पिछले सीजन में होम ग्राउंड पर 6 टीमों को हराया लेकिन मुंबई से दोनों बार हार मिली। 2019 में दोनों टीमें 4 बार भिड़ीं। मुंबई ने इस दौरान पहले 6 ओवर में चेन्नई के 10 विकेट झटके। स्पिनर क्रुणाल ने अंतिम 3 मैच में ओपनिंग गेंदबाजी की। उन्होंने हर बार एक ओपनर का विकेट झटका। बीच के ओवरों में लेग स्पिनर राहुल चाहर ने रन नहीं बनाने दिए और सिर्फ 4.28 की इकोनॉमी से रन दिए। चेन्नई के गेंदबाज 2013 से औसतन पहले 6 ओवर में मुंबई का एक ही विकेट ले पाते हैं, जिससे टीम अंतिम ओवरों में तेजी से रन बना पाती है।

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