कोलोन थेरेपी की मदद से बड़ी आंत की सफाई की जाती है.


साल 2020 में भारत में नया कोरोना वायरस (Coronavirus) और इसकी वजह से होने वाली बीमारी कोविड-19 (Covid-19) और बॉलीवुड सिलेब्रिटीज की मौत की खबरें सबसे ज्यादा ट्रेंड में रहीं और इसके कारण लोगों ने इन्हें गूगल (Google) पर सबसे ज्यादा सर्च भी किया गया. लेकिन इसके अलावा भी कई चीजें थीं, जिन्हें लोगों ने गूगल पर सबसे ज्यादा सर्च किया. इन्हीं में से एक है कोलोन क्लीनिंग थेरेपी (Colon Cleaning Therapy). कोलोन क्लीनिंग थेरेपी यानी हमारे शरीर में मौजूद बड़ी आंत की सफाई. इसे कोलोनिक क्लेन्जिंग या कोलोनिक इरिगेशन के नाम से भी जाना जाता है. इस प्रक्रिया में स्टर्लाइज्ड वॉटर का इस्तेमाल कर बड़ी आंत (कोलोन) में जमा अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकाला जाता है. अब आप सोच रहे होंगे कि एनिमा में भी तो यही होता है फिर कोलोन थेरेपी, एनिमा से अलग कैसे है? तो कोलोन थेरेपी क्या है, इसके फायदे और नुकसान क्या-क्या हैं, कौन इसे नहीं करा सकता और यह एनिमा की प्रक्रिया से किस तरह से अलग है, इस बारे में हम आपको इस आर्टिकल में बता रहे हैं.

1. कोलोन क्लीनिंग थेरेपी क्या है?
हमारे शरीर की बड़ी आंत यानी कोलोन शरीर के विभिन्न हिस्सों से आने वाले अपशिष्ट पदार्थों से पानी और नमक को सोख लेती है. इसके बाद कोलोन में मौजूद बैक्टीरिया बचे हुए अपशिष्ट पदार्थ को तोड़ देता है ताकि वह रेक्टम और एनस के रास्ते शरीर से बाहर निकल जाए. हालांकि, कई बार पाचन से जुड़ी समस्याएं जैसे- ब्लोटिंग यानी पेट फूलना, कोलाइटिस, कब्ज और अपच की वजह से पेट में जमा अपशिष्ट पदार्थ शरीर से बाहर नहीं निकल पाते हैं. इस दौरान कोलोन थेरेपी की मदद से बड़ी आंत की सफाई की जाती है. अमेरिका के एसोसिएशन ऑफ रजिस्टर्ड कोलोन हाइड्रोथेरेपिस्ट (एआरसीएच) की मानें तो यह प्रक्रिया बेहद आसान, सुरक्षित और सुविधाजनक है.हालांकि, शरीर की सफाई और सेहत को बेहतर बनाने के लिए कोलोन थेरेपी फायदेमंद है इस बात के अब तक कोई वैज्ञानिक सबूत मौजूद नहीं हैं. क्लीवलैंड क्लिनिक से जुड़े डॉक्टरों की मानें तो यह एक कॉम्प्लिमेंट्री (अनुपूरक) इलाज है जो बेहद पॉप्युलर है और कुछ विशिष्ट समस्याओं में यह मरीजों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है. लेकिन अगर रूटीन समस्याओं के लिए लोग इस प्रक्रिया का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें इससे जुड़े खतरों के प्रति सावधान रहना चाहिए.

2. कोलोन थेरेपी में क्या होता है?
इस प्रक्रिया में एक ट्यूब को रेक्टम के अंदर डाला जाता है जिससे कोलोन तक पानी पहुंचाया जाता है. इस दौरान कोलोनिक हाइजीनिस्ट नाम का एक प्रफेशनल पानी के प्रेशर और तापमान को कंट्रोल कर सकता है और इस पूरी प्रक्रिया में करीब 45 मिनट का समय लगता है. इस दौरान करीब 16 गैलन यानी 60 लीटर पानी को रेक्टम के रास्ते आंतों तक पहुंचाया जाता है और इस पानी में हर्बल इन्फ्यूजन (अर्क) भी हो सकता है. इसके बाद एक अन्य ट्यूब की मदद से आंत में जमा विषाक्त और अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकाला जाता है और फिर इस प्रोसेस को दोबारा दोहराया जाता है.

3. कोलोन क्लीनिंग थेरेपी के फायदे 
वेट लॉस : इस थेरेपी के प्रैक्टिशनर्स का सुझाव है कि कोलोन क्लीनिंग करवाने से वजन घटाने में मदद मिलती है, लेकिन वैज्ञानिक रिसर्च के आधार पर इस बात के कोई सबूत मौजूद नहीं हैं. इस प्रक्रिया को करवाने के बाद हो सकता है कि व्यक्ति का कुछ ग्राम वजन कम हो जाए, लेकिन ऐसा इसलिए होता है क्योंकि शरीर में मौजूद अपशिष्ट पदार्थ और पानी बाहर निकल जाता है लेकिन यह एक अस्थायी स्थिति है.

आईबीएस का इलाज : कोलोन क्लीनिंग करने वाले कुछ प्रैक्टिशनर्स की मानें तो इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (आईबीएस) के लक्षण जैसे- पेट में दर्द, कब्ज और डायरिया के इलाज में भी इस प्रक्रिया से मदद मिलती है. साल 2016 में आईबीएस से पीड़ित 18 मरीजों को लेकर इस बारे में एक स्टडी भी हुई थी जिसमें मरीजों ने कोलोन क्लीनिंग थेरेपी करवाने के बाद बेहतर महसूस किया था.

डीटॉक्स : ऐसा माना जाता है कि कोलोनिक इरिगेशन यानी कोलोन की सफाई करवाने से शरीर को डीटॉक्स (अंदर से सफाई) करने में मदद मिलती है.

सर्जरी से पहले सफाई : अगर बड़ी आंत से जुड़ी कोई सर्जरी या कोलोनोस्कोपी जैसी कोई डायग्नोस्टिक प्रक्रिया होनी है तो इसके लिए जरूरी है कि बड़ी आंत (कोलोन) पूरी तरह से साफ हो और इस दौरान कोलोन क्लीनिंग थेरेपी काम आ सकती है.

4. कोलोन थेरेपी के नुकसान और जटिलताएं
अब तक कोई रिसर्च मौजूद नहीं है जो कोलोन थेरेपी के फायदों को साबित कर पाए लेकिन जो लोग इस प्रक्रिया से गुजर चुके हैं उन्होंने इसके कई नकारात्मक असर के बारे में बताया है. इस प्रक्रिया के हल्के साइड इफेक्ट में शामिल है- पेट में दर्द और ऐंठन, पेट फूलना, डायरिया, सिर चकराना, उल्टी आना, एनस में सूजन और उत्तेजना महसूस होना.

इसके अलावा इस प्रक्रिया के कुछ गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे- पैन्क्रियाटीटिस, किडनी फेलियर आदि. कोलोन की सफाई की प्रक्रिया के जितने फायदे हैं उससे ज्यादा रिस्क और जटिलताएं इससे जुड़ी हुई हैं.

डिहाइड्रेशन : इस प्रक्रिया में बड़ी मात्रा में शरीर से पानी बाहर निकलता है जो खतरनाक हो सकता है और इस कारण डिहाईड्रेशन की समस्या हो सकती है.

इंफेक्शन : इस प्रक्रिया के दौरान हो सकता है कि स्वस्थ बैक्टीरिया भी शरीर से बाहर निकल जाएं जिससे कई तरह के इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है.

चोट लगने का खतरा : जब बड़ी आंत यानी कोलोन में जबरन पानी डाला जाता है तो पानी के प्रेशर से कोलोन की दीवारें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं और इससे सेप्सिस की समस्या हो सकती है जो कि एक जानलेवा स्थिति है.

5. किसे कोलोन थेरेपी नहीं करवानी चाहिए?
वैसे तो बेहतर यही होगा कि जब तक बिल्कुल इमरजेंसी की स्थिति ना हो तब तक सभी लोगों को इस थेरेपी को करवाने से बचना चाहिए, लेकिन खासतौर पर जो लोग निम्नलिखित समस्याओं से पीड़ित हों उन्हें भी कोलोन क्लीनिंग थेरेपी करवाने से बचना चाहिए :

  • जिन लोगों को क्रोन्स डिजीज, अल्सरेटिव कोलाइटिस, आइस्केमिक कोलाइटिस, डाइवरटिकुलाइटिस की समस्या हो
  • जिन लोगों की पहले कोलोन सर्जरी हो चुकी है
  • जिन लोगों को किडनी की बीमारी है
  • जिन लोगों को हृदय रोग है

6. एनिमा से कैसे अलग है कोलोन क्लीनिंग?

  • एनिमा की प्रक्रिया के दौरान कोलोन में सिर्फ एक बार पानी डाला जाता है, जबकि कोलोनिक इरिगेशन या थेरेपी के दौरान कई बार कोलोन में पानी को उड़ेला जाता है.
  • इसके अलावा एनिमा का मुख्य मकसद बड़ी आंत के निचले हिस्से में मौजूद अपशिष्ट पदार्थों को शरीर से बाहर निकालना है जबकि कोलोन क्लीनिंग की प्रक्रिया में बड़ी आंत के पूरे हिस्से की सफाई की जाती है.
  • कोलोन क्लीनिंग में स्पेशलाइज्ड इक्वीप्मेंट और ट्रेन्ड हाइड्रोथेरेपिस्ट की जरूरत होती है, जबकि एनिमा को कोई भी कर सकता है, यहां तक की घर पर भी एनिमा की किट मिलती है, जिसका इस्तेमाल किया जा सकता है.अधिक जानकारी के लिए पढ़ें हमारा आर्टिकल एनिमा क्या है और कैसे किया जाता हैन्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.





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