चीन (China) में कई लोगों ने इस आग के गोले (Ball of Fire) को एक उल्कापिंड (Meteorite) माना है. (तस्वीर: @metesohtaoglu)

चीन (China) में बहुत से लोगों ने आग के गोले (Ball of Fire) को गिरते हुए देखा जिसके बारे में संदेह किया जा रहा है कि यह एक उल्कापिंड (Meteorite) है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    December 24, 2020, 3:09 PM IST

चीन (China) में हाल ही में आसमान से गिरे एक विशाल आग के गोले (Fireball) के जमीन पर गिरने से हड़कंप मच गया. दक्षिणी चीन में हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल फैल गया. तात्कालिक रूप से इस घटना की कारण और विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी. फिर भी स्थानीय मीडिया के मुताबिक यह के उल्कापिंड (Meteorite) के गिरने की घटना हो सकती है.

कई लोगों ने लिया वीडियो
यह घटना बुधवार तड़के चीन के नागकिआन काउंटी और युशु शहर के बीच हुई है. सोशल मीडिया पर इस घटना के बहुत से वीडियो वायरल हो रहे. यूं तो अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह बहुत ही चमकदार उल्कापिंड था. प्रत्यक्षर्शियों का कहना है कि बुधवार सुबह साढ़े सात बजे यह घटना होते हुए देखी गई जिसके साथ बहुत ही तेज आवाज भी हु. फिलहाल इस घटना से किसी के हताहत होने की खबर नहीं है.

घटना की पुष्टि लेकिन विस्तृत जानकारी नहींमीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन के भूकंप नेटवर्क सेंटर ने इस घटना के होने की पुष्टि की है. अपने बयान में उन्होंने कहा कि यह संदिग्ध उल्कापिंड नागकिआन काउंटी और युसू काउंटी के बीच 7.25 बजे गिरा है. नानशिआंग काउंटी ने भी इस घटना की जानकारी मिलने की पुष्टि की है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि उसे मामले की पूरी जानकारी नहीं हैं.

क्या कहना था प्रत्यक्षदर्शी काएक स्थानीय नागरिक दान बा का कहना है कि उसने इस पूरी घटना को तब देखा जब वह अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रहा था. उन्होंने बताया कि यह बहुत ही चमकीला उल्कापिंड शुरू में काफी छोटा था, लेकिन फिर तीन मिनट के भी तरह ही बहुत ही ज्यादा विशाल और चमकीला हो गया.क्या रहस्मयी रेडियो संकेत कर रहे हैं Alien जीवन का इशाराअसामान्य नहीं उल्कापिंडों का गिरनापृथ्वी पर उल्कापिंड के गिरने की घटना बहुत ज्यादा असामान्य नहीं हैं, लेकिन हां इन उल्कापिंडों को रिहायशी इलाकों या उनके पास भी गरना असमान्य जरूर है. एक नासा रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2019 में करीब पचास हजार उल्कापिंड पृथ्वी पर गिरे थे. उल्कापिंड का पृथ्वी पर गिरना ज्यादातर समुद्री इलाकों में होता है क्योंकि पृथ्वी का ज्यादातर हिस्सा पानी से घिरा है.

लोग आमतौर पर उल्का, उल्कापिंड और क्षुद्रग्रह में काफी भ्रमित होते हैं. उल्काओं का गिरना बहुत समान्य घटना है, लेकिन उनमें से कुछ ही पृथ्वी की सतह तक पहुंच पाते हैं तब उन्हें उल्कापिंड कहा जाता है. बहुत सारे उल्का पृथ्वी की सतह पर पहुंचने से पहले ही वायुमंडल में जल जाते हैं. ये उल्का आमतौर पर धूमकेतु की टुकड़े होते हैं. वहीं क्षुद्रग्रह वे चट्टाने होती हैं जो सूर्य का चक्कर लगाती हैं और इनमें से कई पिंड वे पृथ्वी की कक्षा में आ जाते हैं. ये भी पृथ्वी से टकरा सकते हैं, लेकिन ये  ऐसा भी बहुत ही कम हो पाता है.







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