Saturday, July 24, 2021
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कोविद 19: तीन प्रकार के वायरस समान क्षेत्र में पाए गए और दो प्रकार 10 राज्यों में – स्पष्ट परिस्थिति: एक ही क्षेत्र में तीन-तीन प्रकार और 10 राज्यों में दो तरह का मिला वायरस


परीक्षित निर्भय, अमर उजाला

द्वारा प्रकाशित: अमित मंडल
अपडेटेड शुक्र, 16 अप्रैल 2021 06:03 AM IST

सार

  • वैज्ञानिकों का खुलासा- बहरूपिये वायरस ने भारत में छह बार बारी रूप दिया
  • केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 राज्यों के लिए समीक्षा जारी की है
कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इलाके को सैनिटरीज़ करता कर्मचारी

कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद इलाके को सैनिटरीज़ करता कर्मचारी
– फोटो: अमर उजाला

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विस्तार

देश में संक्रमण की दूसरी तरंगों के छह नए स्वरूपों के कारण विस्फोटक स्थिति में है। वैज्ञानिकों के मुताबिक तीन स्वरूप भारत में बदल रहे हैं। तीन अन्य ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और जेस से आए हैं। एक ही इलाके में तीन प्रकार के वायरस और राज्यो में दो तरह के वायरस हालात बिगाड़ रहे हैं।

जीनोम सीक्वेंसिंग की जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 10 राज्यों के लिए समीक्षा जारी की है। महाराष्ट्र के हर जिले के लिए समीक्षा जारी की गई है। क्योंकि यहाँ 60 प्रति केसर्स के नए स्वरूपों से जुड़े हुए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, वायरस में छह बदलाव मिले हैं। इनमें से ब्रिटिश (बी .1.1.7), दक्षिण अफ्रीकी (बी .1.351) और ब्राजीलियनियन (पी। 1) से आए थे।) एक साल से देश में संक्रमण फैला रहे वायरस में बदलाव के बाद ई 484 क्यू, एल 452 आर और एन 440 के नाम रूप सामने आए।]ये नए स्वरूप मूल वायरस के मुकाबले दो से छह गुना तक अधिक प्रसार की क्षमता रखते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 23 राज्यों से धर्मों के 14 हजार सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग में पता चला है कि 18 राज्यों में एक से अधिक स्वरूप मिल चुके हैं। इनमें से 10 राज्यों में एक साथ दो तरह के वायरस फैल रहे हैं। दिल्ली में मिले तीन तरह के वरसों में ब्रिटिश तनाव भी शामिल है।

वैक्सीन का असर जानना जरूरी है

स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक से अधिक बार विषाणुओं से वैक्सीन रिस पाएगी या नहीं, इस बारे में वैज्ञानिक ज्यादा जानकारी नहीं हैं। अभी जीनोम सीक्वेंसिंग के जरिए वायरस को समझना व इससे बचना जरूरी है।

कितना जानलेवा या गंभीर … अब तक पता नहीं चला

हैदराबाद स्थित CCMB के निदेशक डॉ। राकेश मिश्रा ने बताया कि चेतन के संपर्क में आने वाले कम से कम 30 लोगों की निगरानी की जा रही है। संपर्क में आए लोगों को भी चेतावनी मिलने पर उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग भी कराई जा रही है। इससे पता चला है कि नवंबर 2020 से मार्च 2021 तक के पांच महीनों में वस्तुतः 6 स्वरूप मिल हैं जिनमें से तीन परिवर्तन देश में ही हुए हैं। मुश्किल यह है कि ये से कौन कितना जानलेवा है या गंभीर है। इसका पता नहीं लग पा रहा है।

रिपोर्ट संवेदनशील, फेफड़े खराब

एन एंड पुणे की डॉ। प्राची यादव ने बताया, तीनों विदेशी और तीनों भारतीय स्वरूप न सिर्फ तेजी से फैल सकते हैं बल्कि ज्यादा ताकतवर भी हैं। कई जांचों में भी इनकी पहचान में धोखा हो रहा है। इसीलिए निगेटिव रिपोर्ट के बावजूद कई लोग हैं और उनके फेफड़े खराब हुए हैं।

मामला छह व मृत्यु चार गुना बढ़ी

देश में 26 फरवरी तक 16,562 मामले दर्ज किए गए थे और 114 लोगों की कोरोना से मौत हुई थी। लेकिन 6 अप्रैल को इसमें छह गुना वृद्धि दर्ज की गई और 96,982 हो गए। वहीं मौतों की संख्या में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई और आंकड़ा 446 पर पहुंच गया था।



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