अमेरिका (USA) में अब औपचारिक तौर पर यह घोषणा हो चुकी है कि जो बाइडन (Joe biden) ही अगले राष्ट्रपति होंगे. वर्तमान राष्ट्रपति  डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने औपचारिक तौर पर सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को शुरू करने पर सहमति तो दे दी है, साथ ही उन्होंने हार न स्वीकारने की बात भी की है. वहीं उनकी टीम की नतीजों को दी जा रही कानूनी चुनौतियां जारी हैं. अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण (presidential transition) की भी एक पूरी औपचारिक प्रक्रिया होती है

क्या होता है यह ट्रांजिशन
वास्तव में प्रेसिडेंशियल ट्रांजिशन अमेरिकी राष्ट्रपति की सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया है जिसके तहत पिछला राष्ट्रपति अगले निर्वाचित राष्ट्रपति, अमेरिका में प्रेसिडेंट इलेक्ट कहा जाता है, को सारी अहम जानकारी और ड्यूटी देता है जिससे प्रेसिडेंट इलेक्ट और उसकी टीम को व्हाइट हाउस पहुंचने पर पूरी तरह से काम करने में किसी तरह की कोई परेशानी न हो. इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी जनरल सर्विस एडमिनिस्ट्रेशन की होती है जिसे (GSA) कहा जाता है. जिसका काम ऑफिस स्पेस से लेकर उपकरण और तकनीकी प्रदान करना होता है.

कितना लंबा होता है हस्तांतरणआम तौर पर यह हस्तांतरण 11 सप्ताह का होता है और यह तब से शूरू हो जाता है जब यह स्पष्ट हो जाए कि अगला राष्ट्रपति कौन होगा और यह 20 जनवरी तक चलता है जब अगला राष्ट्रपति पदभार संभाल लेता है.  इस पूरी प्रक्रिया के दौरान निर्वाचित राष्ट्रपति को करीब चार हजार राजनैतिक पद भरने होते हैं.

क्या-क्या होता है इस दौरान
इस दौरान निर्वाचित राष्ट्रपति के व्यस्त कार्यक्रम के संचालन के साथ उनकी ब्रीफिंग और स्टाफ की नियुक्ति भी होती है. एक बार सत्ता हस्तांतरण आधिकारिक तौर शुरू हो जाता है तो उसने निर्वाचित राष्ट्रपति की ट्रांजीशन टीम काम करने लगती है जो प्रचार के दौरान तैयार हुई थी. इसमें सबसे अहम है दैनिक सुरक्षा ब्रीफिंग जिसमें निर्वाचित राष्ट्रपति को राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाती है.

जो बाइडन (Joe Biden) को 23 नवंबर को ही औपचारिक तौर अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US presidential Election) का विजेता माना गया. ( फोटो: AP)

स्टाफ की नियुक्ति
बाइडन ने पहले ही अपने स्टाफ की नियुक्ति करना शुरू कर दिया है. लेकिन हर सरकारी एजेंसी के मुखिया को भी अपनी भूमिका की पहचाने में यह प्रक्रिया मदद करती है. वहीं चार हजार राजनैतिक पदों को भर्ती में से 1200 की सीनेट को पुष्टि करनी होती है जिसमें सरकार हस्तांतरण के दौरान उनकी पृष्ठभूमि की पुष्टि करती है.

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यह काम भी
इस दौरान निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी टीम औपचारिक तौर पर सरकारी स्रोतों का उपयोग करना शुरू कर देते हैं. टीम स्टेट डिपार्टमेंट से समन्वय भी करती है जिससे निर्वाचित राष्ट्रपति विदेशी नेताओं से बातचीत कर सकें. निर्वाचित राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को एक बार व्हाइट हाउस का भ्रमण भी कराया जाता है जिससे वे व्हाइट हाउस की साज सज्जा को लेकर निर्देश दे सकें.

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जो बाइडन (Joe Biden) 20 जनवरी को व्हाइट हाउस (White house) में प्रवेश करेंगे. . (तस्वीर: Pixabay)

हस्तांतरण  में देरी क्यों
यह पूरी प्रक्रिया जीएसए के पत्र से शुरू होती है जो अगले राष्ट्रपति की पहचान करने से होती है. इस साल जीएसए ने 23 नवंबर से पहले बाइडन को विजेता के तौर पर पहचानने से इनकार कर दिया था. चुनाव के तीन सप्ताह बाद ही यह औपचारिकता पूरी हुई. इस वजह से फंड्स और अन्य स्रोत जारी नहीं किए जा सके. इस मामले में कानून स्पष्ट नहीं है और ना ही कोई निश्चित तारीख.

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हस्तांतरण प्रक्रिया का पूरा खर्चा सरकारी पैसे और निजी फंड्स से पूरा किया जाता है. एक बार निर्वाचित राष्ट्रपति तय हो जाए तो फेडरल फंडिंग से 70 लाख डॉलर जारी किए जाते हैं. इसके अलावा निर्वाचित राष्ट्रपति की खुद की फंड रेजिंग से बचे हुए खर्चे पूरे होते हैं.  बाइडन ने भी इस काम के लिए करीब 70 लाख डॉलर जुटाए हैं.दुनअम





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