दुनिया में 8 ऐसे खतरनाक द्वीप हैं, जहां कोई भी कभी नहीं जाना चाहेगा (सांकेतिक फोटो, क्रेडिट- AFP)
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दुनिया में 8 ऐसे खतरनाक द्वीप हैं, जहां कोई भी कभी नहीं जाना चाहेगा (सांकेतिक फोटो, क्रेडिट- AFP)

इबिज़ा (Ibiza) या माल्टा (Malta) जैसे सुंदर द्वीपों के उलट, ये द्वीप अपने जबरदस्त पार्टी (Grand Parties) के दृश्यों और भव्य समुद्री तटों (Beaches) के लिए नहीं जाने जाते हैं. बल्कि इन द्वीपों पर फंस जाने पर आपको खतरनाक जानवरों (Dengerous Animals) का सामना करना पड़ सकता है, गैस मास्क के जरिए सांस लेनी पड़ सकती या प्रार्थना करनी पड़ेगी कि काश कोई जहाज आ जाये, जो आपको यहां से निकाल दे.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 24, 2020, 8:34 PM IST

यूं तो सुंदर आईलैंड (Beautiful Islands) पर समुद्र के नीले पानी के किनारे जाने की सभी की चाहत होती है लेकिन कुछ आईलैंड का दौरा कभी न करना पड़े, तो ही अच्छा हो. इबिज़ा (Ibiza) या माल्टा (Malta) जैसे सुंदर आईलैंड के उलट, ये द्वीप अपने जबरदस्त पार्टी (Grand Parties) के दृश्यों और भव्य समुद्री तटों (Beaches) के लिए नहीं जाने जाते हैं. बल्कि इन द्वीपों पर फंस जाने पर आपको खतरनाक जानवरों (Dengerous Animals) का सामना करना पड़ सकता है, गैस मास्क के जरिए सांस लेनी पड़ सकती या प्रार्थना करनी पड़ेगी कि काश कोई जहाज आ जाये, जो आपको यहां से निकाल दे.

हम ऐसे ही खतरनाक द्वीपों (Dengarous Islands) के बारे में आपको बता रहे हैं. ये हैं 8 खतरनाक द्वीप, जहां जाने के पूरी सुविधा (Convenience) भी आपको पास हो तो भी आप निश्चित रूप से यहां नहीं जाना चाहेंगे-

इल्हा डा क्यूइमाडा, ब्राजील- स्नेक आइलैंड यानि सांपों के द्वीप के उपनाम से जाना-जाने वाला इल्हा डा क्यूइमाडा, ब्राजील के तट पर स्थित है और हजारों गोल्डन लांसहेड वाइपर सांपों के साथ ही कुछ दूसरी प्रजाति के सांपों का भी घर है. यहां के सांप दुनिया के सबसे विषैले सांपों में शामिल हैं और स्थानीय किंवदंती के अनुसार, यहां हर वर्ग मीटर में लगभग पांच जानलेवा सांप हैं. वर्षों तक यहां का एकमात्र निवासी एक लाइटहाउस का रखवाला था, लेकिन अब ब्राज़ील की नौसेना ने सभी नागरिकों को द्वीप के लिए प्रतिबंधित कर दिया है.

मियाके-जिमा, जापान- जापान के इज़ू द्वीपों में स्थित मियाके-जिमा की सबसे प्रमुख विशेषता सक्रिय ज्वालामुखी माउंट ओयामा है, जो हालिया इतिहास में ही कई बार फूट चुका है. सबसे नजदीकी विस्फोट 2005 में हुआ था. जिसके बाद से ज्वालामुखी से लगातार जहरीली गैसों का रिसाव हो रहा है, जिससे निवासियों को यहां जाने पर हर समय गैस मास्क ले जाने की आवश्यकता होती है.

सबा, नीदरलैंड एंटिल्स- कैरिबियाई हरीकेन नेटवर्क की वेबसाइट के अनुसार, सबा नाम के छोटे से द्वीप पर पिछले 150 सालों में दुनिया के किसी अन्य क्षेत्र की तुलना में ज्यादा गंभीर चक्रवात आ चुके हैं, इसमें 15 तीसरी श्रेणी के तूफान और सात पांचवी श्रेणी के तूफान भी शामिल हैं.

बिकनी एटोल, मार्शल आइलैंड्स- यह यूनेस्को विश्व विरासत स्थल है. लेकिन यह दो कारणों से खतरनाक है: एक परमाणु विकिरण और दूसरा शार्क. यह 1946 और 1958 के बीच 20 से अधिक परमाणु हथियारों के परीक्षण की जगह रही, और- हालांकि 1997 में द्वीपों को ‘सुरक्षित’ घोषित किया जा चुका है- इसके मूल निवासियों ने यहां लौटने से इनकार कर दिया है. लोगों को यहां उगाई गई चीजें खाने की सलाह नहीं दी जाती है. न जमीन पर गिरे नारियल का पानी पीने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा पिछले 65 सालों से यहां मछलियां भी नहीं पकड़ी गईं, जिसके चलते यहां समुद्री जीवन बहुत बढ़ा है. जिसमें शार्क भी शामिल हैं. ये चीजें कई जहाजों के साथ-साथ हर साल सैकड़ों एडवेंचर करने वाले गोताखोरों को भी आकर्षित करती हैं.

ग्रुइनार्ड द्वीप, स्कॉटलैंड- स्कॉटलैंड के उत्तर में स्थित इस छोटे से द्वीप का इस्तेमाल ब्रिटिश सरकार ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जैविक युद्ध परीक्षणों के लिए किया था. बिल्कुल निर्जन इस इलाके का उपयोग अत्यधिक संक्रमणीय एंथ्रेक्स जीवाणु के प्रसार को जांचने के लिए हुआ था, जिसमें सैकड़ों भेड़ों की मौत हो गई थी और द्वीप को पूरी तरह से खाली कर दिया गया था. इतना ही नहीं इसके बाद एक और संभावित खतरनाक सामग्री- सैकड़ों टन फॉर्मेल्डेहाइड का उपयोग करके इस द्वीप को 1980 के दशक में साफ किया गया था. जाहिर है कि इससे इसकी स्थिति और खतरनाक हो गई होगी.

फैरालोन द्वीप, अमेरिका- 1946 और 1970 के बीच, सैन फ्रांसिस्को के तट से कुछ दूर फैरलोन द्वीप के आसपास के समुद्र को रेडियोधर्मी कचरे के लिए डंपिंग साइट के रूप में इस्तेमाल किया गया था. एक अनुमान के आधार पर यहां 55-गैलन (208-लीटर) के 47,500 स्टील के ड्रम छोड़े गए थे, लेकिन उनका सटीक स्थान और पर्यावरण के लिए खतरे का अनुमान अभी स्पष्ट नहीं है. यह भी माना जाता है कि उन्हें हटाने की कोशिश से ज्यादा नुकसान होगा बजाए उन्हें अछूता छोड़ने से. यहां एलीफैंड सील की बड़ी आबादी भी है, जो ग्रेट व्हाइट शार्क की बड़ी संख्या को आकर्षित करती है. ऐसे में यहां जाने से पहले दो बार सोचें.

राम्री द्वीप, म्यांमार- म्यांमार (बर्मा) के तट से दूर यह द्वीप एक भीषण घटना के लिए प्रसिद्ध है जो द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई थी. 1945 में, ब्रिटिश और जापानी सैनिकों के बीच लड़ाई के बाद लगभग 400 जापानी सैनिकों को द्वीप के चारों ओर दलदल में भागने के लिए मजबूर किया गया था, जहां वे खारे पानी के मगरमच्छों की बड़ी आबादी का शिकार बन गये थे. यह घटना गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, जानवरों के चलते मनुष्यों द्वारा झेली गई सबसे बड़ी त्रासदी के रूप में दर्ज है.

डेंजर आईलैंड, मालदीव- मालदीव के दक्षिण में 800 किमी की दूरी पर स्थित, डेंजर आइलैंड अपने डरावने नाम के चलते इस लिस्ट में शामिल है. यह नाम इसके शुरुआती खोजकर्ताओं ने इसे दिया है. जिनके बीच सुरक्षित लंगर की कमी होने के चलते यह द्वीप खतरनाक माना जाता था.





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