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कमला हैरिस के खिलाफ फैलाई जा रहीं हैं फेक न्यूज़

US Elections 2020: एक रिपोर्ट में सामने आया है कि अमेरिका में डेमोक्रेट की तरफ से उप राष्ट्रपति पद की उम्म्मीदवार भार्वंशी कमला हैरिस (Kamala Harris) के खिलाफ रिपब्लिकन्स ने ऑनलाइन हेट और रेशियिअल कैंपेन चलाया हुआ है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 30, 2020, 11:29 AM IST

शिकागो. अमेरिका (US) में उप राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस (Kamala Harris) के बारे में सोशल मीडिया (Social Media) में लंबे समय से गलत सूचनाएं और फेक न्यूज़ शेयर की जा रहीं हैं. सोशल मीडिया पर उनके बारे में कई नस्ली दावे भी किए जा रहे हैं मसलन वह व्हाइट हाउस में काम करने योग्य नहीं हैं तथा वह अपनी अश्वेत एवं भारतीय पृष्ठभूमि के बारे में झूठ बोल रही हैं. बता दें कि हैरिस की मां भारतीय हैं और पिता जेमैका से हैं.

जब से हैरिस उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनी हैं तब से उन्हें निशाने पर लेते हुए ऑनलाइन भ्रामक अभियान भी तेज हो गए हैं ये रिपब्लिकन पार्टी के उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार श्वेत व्यक्ति माइक पेंस के मुकाबले चार गुना अधिक हैं. मीडिया फर्म जिग्नल लैब्स की एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. इस संस्थान से जुड़ी जेनिफर ग्रांस्टन ने कहा, ‘कमला हैरिस से जुड़ी ज्यादातर बातें उनकी निजी शख्सियत के बारे में होती हैं खासकर उनकी त्वचा के रंग को लेकर.’ फर्म ने पाया कि जून से लेकर अब तक ट्विटर पर हैरिस का दस लाख से अधिक बार जिक्र हुआ और ऐसे हैशटैग और शब्दों के साथ हुआ जो उनके बारे में गलत जानकारी से जुड़े थे.

कमला के भारतवंशी होने को बताया जा रहा झूठ
एसोसिएटेड प्रेस ने पाया कि हैरिस के बारे में जनवरी 2019 से ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गलत जानकारियां चल रही हैं, यही वह वक्त है जब हैरिस ने घोषणा की थी कि वह उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए मैदान में उतरेंगी. अगस्त में जब राष्ट्रपति ट्रंप ने हैरिस के बारे में भ्रामक बातें की तब से लेकर उनके बारे में गलत जानकारियों की बाढ़ सी आ गई. सबसे ज्यादा फेक न्यूज़ इस बारे में प्रचारित की जा रहीं हैं कि कमला ने भारतवंशी होने का झूठा प्रचार किया हुआ है. वर्ष 2016 के प्रचार अभियान के मुकाबले इस वर्ष उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार सोशल मीडिया पर कहीं अधिक चर्चा का विषय बने हुए हैं.बाइडेन के मुख्य सलाहकारों में शामिल 2 भारतीय शामिल

भारतीय मूल के दो प्रख्यात अमेरिकी शख्स डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन के ‘मुख्य सलाहकारो’ में शामिल हैं जो कोरोना वायरस महामारी से ले कर अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, विदेश नीति और जलवायु परिवर्तन जैसे मामलों में उन्हें सलाह दिया करते हैं. न्यूयार्क टाइम्स की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि महामारी पर उन्हें सलाह देने वालों में अमेरिका के पूर्व सर्जन जनरल डॉ विवेक मूर्ति शामिल हैं. मूर्ति की नियुक्ति पूर्व राष्ट्रपति राष्ट्रपति बराक ओबामा ने की थी वहीं बाइडेन को आर्थिक मुद्दों की जानकारी हार्वर्ड के अर्थशास्त्री राज चेट्टी दे रहे हैं.

मूर्ति और खाद्य एवं औषधि प्रशासन के पूर्व प्रमुख डेविड केसलर उन लोगों में शामिल हैं जो बाइडेन प्रचार अभियान की ओर से की गई एक कॉन्फ्रेंस कॉल पर थे, तभी इस बात का पता लगा था कि सीनेटर कमला हैरिस के साथ यात्रा करने वाले दो लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट में कहा गया, ‘बाइडेन अक्सर विशेषज्ञों के साथ अपनी बातचीत का जिक्र करते है और डॉ मूर्ति और डॉ केसलर चिकित्सा क्षेत्र के दो दिग्गज हैं जिनसे जन स्वास्थ्य संकट के वक्त बाइडेन ने परामर्श लिया था.’

रिपोर्ट में केसलर के हवाले से कहा गया कि महामारी के शुरुआती दिनों में वह और मूर्ति बाइडेन को प्रतिदिन या सप्ताह में चार बार जानकारी दिया करते थे. अर्थव्यवस्था पर सलाह लेने के लिए बाइडेन का दायरा बहुत बड़ा है और वह सैकडों नीति विशेषज्ञों से परामर्श लेते हैं. फेडरेशन रिजर्व की पूर्व अध्यक्ष जेनेट येलेन ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर बाइडेन को जानकारी देने वालों में चेट्टी शामिल हैं ‘जिन्होंने आर्थिक गतिशीलता और इसके आधार पर अहम शोध किया है.’





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