डॉग ट्रेनर ब्रूनो बेरिक को बिजली से एलर्जी है. लगभग 2 करोड़ खर्च करने के बाद उन्हें इस विचित्र बीमारी के बारे में पता चला. (Photo- ब्रूनो के ट्विटर से)
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डॉग ट्रेनर ब्रूनो बेरिक को बिजली से एलर्जी है. लगभग 2 करोड़ खर्च करने के बाद उन्हें इस विचित्र बीमारी के बारे में पता चला. (Photo- ब्रूनो के ट्विटर से)

इंग्लैंड (England) के रहने वाले ब्रूनो बेरिक (Bruno Berrick) इलेक्ट्रोसेंसिटिविटी (Electrosensitivity) नाम की विचित्र बीमारी से त्रस्त हैं. इस बीमारी की वजह बिजली (Electricity) है. आखिर कैसे हुई ये अजीबोगरीब बीमारी (Weird Illness, जानिए…

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 17, 2020, 10:46 AM IST

दुनियाभर में कई ऐसी विचित्र बीमारियां हैं, जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है. ऐसी ही एक अजीबोगरीब बीमारी के शिकार हैं इंग्लैंड के लेइस्टरशायर (Leicestershire) के रहने वाले 48 साल के ब्रूनो बेरिक (Bruno Berrick). इन्हें बिजली (Electricity) से एलर्जी (Elergy) है, जिसकी वजह से 4 साल के अंदर ये बेहद कमजोर हो चुके हैं. शुरुआत में उन्हें पता ही नहीं था कि आखिर वे कमजोर क्यों हो रहे हैं? ऐसे में इंग्लैंड (England) के कई डॉक्टर्स को दिखाया, लेकिन सही कारणों का पता नहीं चल सका. इस बीमारी से निजात पाने के लिए लगभग 2 करोड़ खर्च कर चुके ब्रूनो ने अमेरिका (USA) और जर्मनी (Germany) जाकर खुद का इलाज करवाया, फिर भी उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ.

ब्रूनो बताते हैं कि 4 साल पहले तक वह बिल्कुल सामान्य व्यक्ति थे. वे अपनी 3 बच्चियों और पत्नी के साथ बेहद खुश थे, लेकिन धीरे-धीरे उनका वजन कम होने लगा. पेशे से बिल्डर और डॉग ट्रेनर ब्रूनो के मुताबिक, 4 साल हो गए, तबसे लगातार वजन कम हो रहा है. अबतक 32 किलो वजन कम हो चुका है, जिसकी वजह से वे काफी कमजोर हो गए. अपने बच्चों के साथ खेल भी नहीं पाते थे. खुद का इलाज कराने के लिए वे इंग्लैंड के कई बड़े हॉस्पीटल में गए, लेकिन सही वजह का पता नहीं चल सका. इसके बाद वे जर्मनी और अमेरिका गए.

GreyHound Trainer Bruno Berrick

अपनी पार्टनर लिजा के साथ ब्रूनो बेरिक (फोटो- ट्विटर)

जर्मनी में पता चला बीमारी का नामइस दौरान जर्मनी में काफी जांच के बाद पता चला कि उनके इस कंडीशन को इलेक्ट्रोसेंसिटिविटी कहा जाता है. इसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक हाइपरसेंसिटिव, इलेक्ट्रोफोबिया और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड इंटॉलरेंस सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है. ब्रूनो ने बताया कि जब मैं अपनी बीमारी के बारे में लोगों को बताता था तो वे सब मुझे बेवकूफ कहते थे. इस दौरान मेरी पार्टनर लिजा हमेशा मेरे साथ रही. लोग भले कुछ भी कहते रहे, लेकिन मुझे पता था कि मैं 4 साल से इस विचित्र बीमारी के कारण कितना कमजोर हो गया हूं. जब मैं हार्ले स्ट्रीट के डॉक्टर्स को दिखाने गया तो उन्होंने मुझे ‘मिस्ट्री मैन’ कहा. मुझे नहीं पता था कि इसकी वजह क्या है. मेरे घर पर वाई-फाई, स्मार्ट टीवी सबकुछ था, जिसके बाद मेरा वजन लगभग 95 किलो से घटकर 65 किलो का हो गया.

…तो कीटनाशक की वजह से हुई ऐसी हालत?

ब्रूनो ने बताया कि इस बीमारी की असली वजह का पता मुझे अमेरिका के सिएटल में चला. मैंने जांच के लिए जब अपना मूत्र दिया तो उसके रिजल्ट से पता चला कि मेरा शरीर कीटनाशक से भरा था, जिसकी वजह से मेरा इम्यून सिस्टम पूरी तरह खराब हो गया. उन्होंने कहा कि 2016 में मैं एक खेत के पास रहता था, जहां पर अक्सर कीटनाशकों का छिड़काव किया जाता. मुझे उसके बारे में पता नहीं था कि वह क्या है. शायद उसी दौरान कीटनाशकयुक्त जहर मेरे शरीर में प्रवेश किया और आज मेरी हालत ऐसी हो गई.

दूरदराज हिस्से में हो गए हैं शिफ्ट
ब्रूनो अपनी इस बीमारी की वजह से रटलैंड के एक दूरदराज इलाके में शिफ्ट हो गए हैं. वहां पर बिजली के विकिरण से बचने के लिए डॉक्टर ने EMF रीडर दिया है, जिससे उन्हें पता चल जाता है कि कहां पर बिजली का ज्यादा प्रभाव है. ऐसे में वे उस जगह पर नहीं जाते. इतनी सजगता की वजह से ब्रूनो फिर से दुरुस्त होने लगे हैं. उनका वजन भी बढ़ने लगा है. ब्रूनो ने कहा कि 4 सालों में मैं अपने बच्चों के साथ खेलना तो दूर एक किताब भी नहीं पढ़ पाता था. लेकिन अब मैं फिर से ठीक हो रहा हूं. रोथवेल नाम की जगह पर रह रहे ब्रूनो फैमिली ने 5G और रेडियो तरंगों को अवरुद्ध करने के लिए अपने घर में बिजली प्रूफ पेंट लगवाया है. हालांकि, सर्दी में ब्रूनो अपने लिए एक अलग कमरे का निर्माण करवा रहे हैं, ताकि उनकी फैमिली ठंड से बचने के लिए हीटर का इस्तेमाल कर सके. बता दें कि बिजली की वजह से इनके चेहरे पर जलन महसूस होती है और ऐसा लगता है कि सिर फट रहा हो.





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