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इलाहाबाद हाईकोर्ट

कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ अवमानना का केस बनता है. हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव से स्पष्टीकरण भी मांगा है और पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरु की जाये.

प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आयुष विभाग प्रशांत त्रिवेदी (Prashant Trivedi) के खिलाफ दाखिल अवमानना याचिका (Contemot Plea) पर कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा आयुष विभाग प्रशांत त्रिवेदी को अवमानना नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ अवमानना का केस बनता है. हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव से स्पष्टीकरण भी मांगा है और पूछा है कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरु की जाये.

साथ ही कोर्ट ने आदेश का पालन कर अनुपालन रिपोर्ट पेश करने का भी निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि यदि अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं हुआ तो कोर्ट में सुनवाई की अगली तारीख पर हाजिर हों. याचिका की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी.

ये है मामला

यह आदेश जस्टिस सरल श्रीवास्तव की एकलपीठ ने डाक्टर जय शंकर शुक्ल की अवमानना याचिका की सुनवाई के बाद दिया है. याचिका पर अधिवक्ता राधाकृष्ण पांडेय और मनीष पांडेय ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखा. याचिका में कहा गया है कि आयुष विभाग के मोहम्मद हारून को नियुक्ति तिथि से तदर्थ सेवा को जोड़कर उन्हें सेवानिवृत्ति परिलाभों का भुगतान किया गया. लेकिन याची को इसी तरह के मामले में नियमित होने की तिथि से परिलाभों का भुगतान किया गया. हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव को याची के प्रत्यावेदन को मोहम्मद हारून के तर्ज पर तीन माह में आदेश पारित करने का निर्देश दिया है. इस आदेश का पालन न करने पर यह अवमानना याचिका दाखिल की गयी है.





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