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(सांकेतिक तस्वीर)

COVID-19: इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) की जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा है कि कोई भी नागरिक घर के बाहर बिना मास्क का नहीं दिखाई देना चाहिए. यदि कोई मास्क नहीं पहनता है तो वह पूरे समाज के प्रति अपराध करेगा.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    September 25, 2020, 6:35 AM IST

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (COVID-19 Infection) के मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने सख्त रुख अपना लिया है. हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कोई भी शख्‍स घर से बाहर बिना मास्क (Mask) लगाए न दिखे. अगर कोई बिना मास्‍क लगाए दिखता है तो पुलिस कार्रवाई करे. बता दें कि यूपी में क्‍वारंटीन सेंटर्स की बदहाली और कोविड अस्पतालों में इलाज की बेहतर सुविधा को लेकर पीआईएल पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह आदेश दिया है.

जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजित कुमार की खंडपीठ ने कहा कि कोई भी नागरिक घर के बाहर बिना मास्क का नहीं दिखाई देना चाहिए. यदि कोई मास्क नहीं पहनता है तो वह पूरे समाज के प्रति अपराध करेगा.

होम आइसोलेशन के मरीजों को मिले चिकित्सा सुविधाएं
कोर्ट ने कहा कि प्रदेश के हर थाने में गठित पुलिस टास्क फोर्स बिना मास्क लगाये घूमने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करे. साथ ही कहा कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों को भी चिकित्सा सुविधाएं मिले. कोर्ट ने कहा कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों के एक्स-रे और सीटी स्कैन के लिए हर जिले में एक अलग अस्पताल की व्यवस्था हो.कोविड मरीजों का सहानुभूति से इलाज करें डॉक्टर

इसके अलावा हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि प्रदेश में ठेले खोमचे वालों को वेन्डिंग जोन में आवंटन करें. कोर्ट ने कहा अतिक्रमण दुबारा हुआ तो पुलिस जिम्मेदार होगी. कोर्ट ने कहा कि डाक्टर कोविड मरीजों का सहानुभूति के साथ इलाज करें. इस संबंध में हाईकोर्ट ने कार्रवाई की रिपोर्ट तलब की है. 28 सितंबर को मामले की अगली सुनवाई नियत की गई है.





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