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लोगों ने अपने घरों में लगाई आग. (Pic- AP)

आर्मेनिया (Armenia) ने शनिवार को कहा कि अजरबैजान के साथ संघर्ष में 2,317 लड़ाके मारे गए थे, आर्मेनियाई लड़ाकों की मौत की यह संख्‍या पहले से करीब 1000 अधिक है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 15, 2020, 10:38 AM IST

नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के दौरान अजरबैजान (Azarbaijan) और आर्मेनिया (Armenia) बीच चली जंग ने दुनिया को चौंका दिया था. अब शांति समझौते के तहत आर्मेनिया अपने विवादित क्षेत्र नागोर्नो-कराबाख को अजरबैजान को सौंपने पर सहमति बन गई है. इससे पहले शनिवार को नागोर्नो कराबाख में अपने घर खाली करने से पहले वहां के लोग उनमें आग लगा गए.

आर्मेनियाई अलगाववादियों द्वारा दशकों से नियंत्रित किए जा रहे अजरबैजान में कलाबाजार जिले के लोगों ने इस सप्ताह बड़े पैमाने पर पलायन शुरू किया. इससे पहले यह ऐलान हुआ था कि रविवार को अजरबैजान फिर से क्षेत्र में नियंत्रण ले सकता है. आर्मेनियाई सैनिकों द्वारा समर्थित अलगाववादियों और अजरबैजान सेना के बीच लड़ाई सितंबर के अंत में नागोर्नो-कराबाख क्षेत्र में शुरू हुई थी. यह जंग छह हफ्ते तक चली.

आर्मेनिया ने शनिवार को कहा कि संघर्ष में 2,317 लड़ाके मारे गए थे, आर्मेनियाई लड़ाकों की मौत की यह संख्‍या करीब 1000 अधिक है. इस सप्ताह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि जंग में मरने वालों की संख्‍या 4,000 से अधिक थी और हजारों लोग अपने घरों से भागने को मजबूर हो गए थे. एएफपी के एक पत्रकार ने बताया कि आर्मेनियाई नियंत्रण वाले जिले मार्केर्ट की सीमा पर स्थित चरेटकर गांव में शनिवार सुबह कम से कम छह घरों में आग लगी थी.

अपने घर को आग के हवाले करने वाले एक निवासी ने कहा, ‘हर कोई आज उनके घर को जलाने जा रहा है, हमें छोड़ने के लिए आधी रात तक का वक्‍त दिया गया था.’ उन्होंने कहा, ‘हमने अपने माता-पिता की कब्रों को भी स्थानांतरित कर दिया, अजरबैजानियों ने हमारी कब्रों को वीरान करने में बहुत आनंद उठाया. यह असहनीय है.’





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